
गढ़वा


भाइयों ने अपने ही बहन को गला घोंट कर मारने का प्रयास किया। बहन की बस गलती इतनी थी कि उसकी शादी तय हो गई थी और पिता ने उन निर्दयी भाइयों से शादी के लिए पैसे की डिमांड कर दी। बताया जा रहा है कि पीड़ित लड़की की शादी पिता ने तय कर रखी है बस कुछ ही दिनों में उसकी शादी भी है पिता ने सोचा भाइयों से मदद ली जाए ताकि कुछ बोझ हल्का हो जाये। पिता ने अपने दोनों पुत्रों से पैसे की डिमांड कर दी और यही बात कलह का कारण बनी। भाइयों ने सोचा न मेरी बहन रहेगी और न ही शादी होगी और न पैसे खर्च होंगे।
बेटा दे गढ़वा सदर अस्पताल के बेड पर पड़ी ये है आसमा। ये सदर थाना क्षेत्र के तिलदाग पंचायत के परिहरा गांव की रहने वाली है। आज इसकी जो हाल हुई है इसके पीछे इनके भाइयों का बहुत बड़ा योगदान है क्योंकि इनके दो भाइयों ने मिलकर इसे दुनिया से अलविदा करने की ठानी और घर पर ही गला घोंट कर मारने के प्लानिंग कर दोनों ने एक साथ घटना को अंजाम देना शुरू किया। ये तो भला हो पड़ोसियों के जिसने आसमा को बचा लिया और गढ़वा सदर अस्पताल में भर्ती करा दिया। पीड़िता का कहना है कि मेरे भाइयो ने मुझे गला घोंट कर मारने का प्रयास किया लेकिन आस-पास के लोगो ने मेरी जान बचा कर यंहा भर्ती कराया अब तो मुझे मेरे अम्मी एवं अब्बा को घर से बाहर भी निकाल दिया। इस घटना में पीडित लड़की के गर्दन सूज गया है।
गढ़वा सदर अस्पताल में अपनी बेटी का इलाज करा रही पीड़ित की अम्मी ने बताई को मेरे दोनों बेटों के द्वारा ही इस घटना को अंजाम दिया गया है वहीं पिता ने बताया कि इस मामले में गांव में पंचायती हुई थी लेकिन बात नहीं बनी अब मेरे बेटे ही दुश्मन बने हुए है घर से भी निकाल दिया है घर मे ताला मार दिया है। जिन भाइयों को अपनी बहन की शादी कर डोली में बैठकर उसके ससुराल भेजना चाहिए था आज वही भाई अपनी बहन का जानी दुश्मन बना हुआ है पिता ने भी कोई शिकायत अबतक थाने में दर्ज नही कराई है।

