
राजकुमार झा

मधुबनी।
लदनिया प्रखंड के कुमरखत पूर्वी पंचायत के पथलगाढा एंव बिसहरीया गाँव में आजादी के 70 दशक बाद भी नहीं पहुंचा बिजली ।ज्ञातव्य हो कि वर्ष 2014 में ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के घोषणा एवं निर्देश पर तत्कालीन विधायक प्रो उमा कांत यादव ने अपने प्राथमिकता में उक्त गाँव का विधुतीकरण करने का आग्रह सरकार एवं बिभाग से किये थे ।बिभाग द्वारा उक्त दोनों गाँव में विधुतीकरण का प्रक्रिया आरंभ कर दिया गया ।संवेदक के द्वारा गाँव का सर्वेक्षण कर राशि की माँग की जाने लगी ।पथलगाढा के ग्रामीणों से लग भग 30000 हजार रुपए का उगाही कर पोल गिरा दिया गया ।और कार्य प्रारंभ करने के बदले और राशि की माँग किया जाने लगा ।ग्रामीणों को शक हुआ और वे लोग काम करने के बाद ही पैसा देने पर अडिग हो गये।ठिकेदार नाराज हो कर काम छोड़ कर चला गया, सम्प्रति आज तक कार्य नहीं हो पाया है ।ग्रामीणों के द्वारा कई बार आवेदन दे कर एवं सड़क जाम कर विधुतीकरण की माँग किया गया, परंतु आश्वासन के शिबा कुछ नहीं मिला ।ज्ञातव्य हो कि भारत सरकार एवं राज्य सरकार दोनों हर गाँव हर मुहल्ला मे बिजली पहुंचाने की बात कह कर समाचार पत्रों एवं पत्रिका के सुर्खियों में रहता है ।परंतु बिभाग में जमे अधिकारियों को सरकारी फरमानो का असर नहीं ।

