
राजेस तिवारी
पटना । पिछले कुछ दिनों से अपने बयानों को लेकर चर्चा में रह रहे भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने फिर बिहार में महागठबंधन सरकार की तारीफों के फिर पुल बांधे हैं। बाढ़ राहत के मामले में शत्रुघ्न सिन्हा ने साफ कहा है कि राज्य सरकार बढ़िया काम कर रही है। केंद्र को भी बिहार की पूरी मदद करनी चाहिए। इसके बाद राजनीतिक हलकों में इस बयान की चर्चा शुरू हो गई है।
भाजपा के नेताओं ने शत्रुघ्न सिन्हा पर सीधी टिप्पणी से परहेज के बावजूद इशारे-इशारे में इस बयान पर एतराज जताते हुए कहा है कि राज्य सरकार राहत का प्रबंधन ठीक से नहीं कर रही है। उसे केंद्र पर तोहमत लगाने की जगह अपना तंत्र राहत के काम में और तत्परता से लगाना चाहिए।
शत्रुघ्न सिन्हा रविवार को बख्तियार पुर के बाढ़ राहत शिविर में गए थे। वहां की व्यवस्था देखकर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि सरकार अच्छा काम कर रही है। यह भी कहा कि केंद्र सरकार को वादे के मुताबिक राज्य सरकार की पूरी मदद करनी चाहिए। शत्रुघ्न सिन्हा का बयान एेसे समय आया है जबकि बाढ़ राहत के मुद्दे पर महागठबंधन और एनडीए में रार की नौबत है।
बख्तियारपुर के राहत शिविर में पिछले हफ्ते केंद्रीयमंत्री रविशंकर प्रसाद के भोजन करने पर जदयू के प्रवक्ताओं ने इसे उनकी बेशर्मी करार देते हुए कहा था कि बिहार के मंत्री मदद नहीं दिलवाते तो जदयू के कार्यकर्ता एेसे मंत्रियों को बिहार में घुसने नहीं देंगे। इस बयान के बाद बावेला मच गया था। पक्ष-विपक्ष दोनों ओर से बयानों की झड़ी लग गई।
इस लिहाज से देखें तो भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा का ताजा बयान पार्टी लाइन से एकदम उलट है।इसकी प्रतिक्रिया वैसी ही हुई है जैसी कि अपेक्षा थी। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार ने जोर देकर कहा कि राहत शिविरों का प्रबंधन गलत तरीके से हो रहा है। पार्टी के प्रवक्ता विनोद नारायण झा ने शत्रुघ्न सिन्हा के बयान पर सीधी टिप्पणी से बचने के बावजूद उनके बयान का यह कहकर खंडन किया कि व्यवस्था लुंजपूंज है।
हाल में एेसी कई घटनाएं सामने आईं जब भाजपा सांसद अपने बयानों से पार्टी को सांसत में डालते रहे हैं। वे कभी जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार के समर्थन में बयान देते हैं तो कभी वरुण गांधी को यूपी में भाजपा का चेहरा बताकर पार्टी नेतृत्व के लिए असहज स्थिति पैदा करते हैं। उनके ताजा बयान को भी भाजपा नेतृत्व के लिए सांसत में डालने वाला ही माना जा रहा है।




