
जमशेदपुर।


शनिवार को शहर पहुँचे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दौरे को भाजपा ज़िलाध्यक्ष ने कहा कि एक कुख्यात अपराधी के जेल से बाहर निकलने के उपरांत बिहार की जनता में फ़ैली नितीश कुमार की अगुआई वाली महागठबंधन सरकार के प्रति जनता में फ़ैली असंतोष और अराजकता से बचने हेतु बिहार के सीएम ने जमशेदपुर कूच करने का निर्णय लिया । बिहार की जनता स्वयं को ठगी महसूस कर रही है और मुख्यमंत्री से राज्य में तेज़ी से फ़ैल रहे महाजंगलराज के प्रति ज़वाब चाह रही है । उनके सवालों से नितीश कुमार असहज महसूस कर रहे हैं और भाग रहे हैं । उन्होंने आगे कहा कि उनका राँची से सड़क मार्ग द्वारा जमशेदपुर आगमन महज सियासी स्टंट बताया । उन्होंने कहा कि वे मीडिया में आने के लिए ऐसी स्टंट करते हैं , दरअसल वे झारखण्ड सरकार के सड़क निर्माण टेक्नोलॉजी और गुणवत्ता से इतने प्रभावित हैं कि वे एनएच के निर्माण कार्य को नज़दीक से देखना चाहते हैं ताकि झारखंड मॉडल के आधार पर बिहार में सड़क निर्माण को गति दी जा सके । उन्होंने शराबबंदी के मुद्दे पर नितीश कुमार के झारखंड सरकार को घेरने के प्रयास पर भी पलटवार किया । उन्होंने कहा कि नितीश कुमार अब तक बोतल (शराबबंदी) में अटके हुए हैं । इसके नशे में धुत वे स्वयं की पीठ थपथपाने में लगातार व्यस्त हैं । जबकि जमीनी हकीकत कुछ और हीं है । बिहार की जनता महागठबंधन द्वारा संपोषित अपराधियों एवं दबंगों से त्रस्त होकर त्राहिमाम कर रही है । वे “महाजंगलराज” मुक्त बिहार चाहते हैं । केंद्रीय एजेंसी के आंकड़ों पर गौर करें तो यूपी के बाद बिहार क्राइम के मामलों में दुसरे पायदान पर है । हक़ीक़त यही है कि जिन राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार नहीं है , वहाँ की जनता का सोशन-दोहन चरम पर है ।
भाजपा ज़िलाध्यक्ष दिनेश कुमार ने अपने बयान में आगे कहा कि अपराधियों के तांडव से जनता तो दूर विधायक और जनप्रतिनिधि तक त्रस्त हैं । अपराधियों के बढ़े मनोबल सांतवें आसमान पर है । इसके भुक्तभोगी स्वयं कई महागठबंधन के विधायक भी हैं । जो अपने विधायकों को सुरक्षा नहीं दे सकती ऐसी निकम्मी सरकार से आम जनता और भाजपाजनों को यदि यातनाएं मिले को इसमें अचरज क्या है ? भाजपा ज़िलाध्यक्ष ने कहा कि हाल हीं में बिहार के चर्चित विधायकों में शामिल मुन्ना तिवारी , ददन पहलवान ,संजय यादव समेत कई के सत्ता में होने के पश्चात भी अपराधियों द्वारा फ़िरौती माँगने के मामले ताज़ा उदाहरण हैं । बिहार में महागठबंधन के संरक्षण में अपराधियों और दहशतगर्दों का मनोबल सांतवें आसमान पर है । आज हीं जेल से रिहा हुए पूर्व सांसद रहे बिहार के एक कुख्यात अपराधी ने बाहर निकलतें ही सीएम नीतीश कुमार को हीं निशाने पर ले लिया और टेढ़ी आँखें दिखाई । जब अपराधी सीएम को आड़े हाथों लें , तो बिहार की मासूम जनता भयमुक्त कैसे रहें ?
उन्होंने नितीश कुमार को कमज़ोर सीएम क़रार देते हुए कहा कि इनका रिमोट कंट्रोल लालू यादव के पास है जिससे प्रशासन भी लाचार महसूस करती है। आलम यह है कि बिहार सरकार शराबबंदी के नाम पर गरीब जनता का सोशन और जेल भरो अभियान चला रही है , तो दूसरी ओर शहाबुद्दीन जैसों को बेल … । दिनेश कुमार ने आगे कहा कि झारखण्ड सरकार द्वारा स्थापित किये जा रहे विकास के नए पैमानों के नितीश कुमार तक कायल हैं । राज्य में प्रतिदिन अपराध , सोशन के वारदातों से इतर वे झारखंड दौरे का कोई अवसर नहीं छोड़ते। इसी बहाने वे विकास की ट्रेनिंग लेने आते हैं, किंतु कमज़ोर स्टूडेंट हैं । बिहार जाते ही वे सारे सबक भूल जाते हैं और महाजंगलराज के मायाजाल में शुमार हो जाते हैं । उन्हें आवश्यकता है झारखण्ड सरकार के मुख्यमंत्री से अच्छी ट्रेनिंग लेने की ताकि वे विकास कार्यों में पारांगत हो सकें ।

