
जामताड़ा।
केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने की खुशी में किसी कानून वापसी को लेकर वामपंथी दलों ने शहर में निकाला विजय जुलूस दलों ने शनिवार को जामताड़ा शहरी क्षेत्र में विजय जुलूस निकाला। किसान महासभा के नेता चंडी दास पुरी ने इसे किसानों का जीत बताया है। कहा कि किसान विरोधी तीनों काले कानून, बिजली संशोधन बिल 2020, किसानों का फसल क्रय करने के लिए एमएसपी पर कानून बनाने आदि के लिए संयुक्त किसान मोर्चा के द्वारा जो लगातार आंदोलन चलाया गया था। बता दें कि लगभग 1 वर्षों से तीनों कृषि कानून के विरोध में किसान आंदोलन कर रहे थे। लेकिन सरकार की ओर से उस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा था।

बीते दिनों केंद्र सरकार की ओर से तीनों कृषि कानून बिल को वापस ले लिया गया। जिसकी घोषणा पीएम नरेंद्र मोदी ने की थी। साथ ही किसान आंदोलन में मारे गए किसानों के आश्रितों को मुआवजा देने की भी घोषणा की गई है। बता दें कि 1 वर्ष के आंदोलन के दौरान लगभग 700 किसान की मौत हो गई थी। इस संदर्भ में वामपंथी नेता चंडीदास पुरी ने कहा कि किसानों के आंदोलन को देखते हुए केंद्र सरकार को झुकना पड़ा और मोदी सरकार ने तीनों काले कृषि कानून को वापस ले लिया। किसानों के लिए यह सबसे बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कि इसी उपलक्ष में किसानों की जीत को विजय दिवस के रूप में जुलूस निकालकर मनाया गया है। कहा कि इस अभूतपूर्व जीत के लिए संयुक्त किसान मोर्चा के आव्हान पर आज 11 दिसंबर को जामताड़ा किसान काउंसिल के द्वारा जामताड़ा मे किसान नेता साबिर हुसैन एवं जिला संयुक्त सचिव चंडीदास पूरी के नेतृत्व में विजय जुलूस का आयोजन किया गया जो जामताड़ा शहर को परिक्रमा करते हुए गांधी मूर्ति के सामने एकत्रित हुआ और सभा में तब्दील हो गया। मौके पर सचिन राना, विजय राना, अशोक भंडारी , जुना टुडु बुजू मरांडी, दुवराज भंडारी, राजबीर सोरेन, सुजीत माजी, तुलसी महतो सहित दर्जनों किसान मौजूद थे।

