
जामताड़ा।
भाई हमें तो फेमस होना है, इसके लिए हमें काफी लाइक और व्यूज़ चाहिए। इसके लिए कुछ भी करना पड़े तो करेंगे, भले ही जान पर आफत ही क्यों ना आ जाए। यह सोच है आज के नई पीढ़ी की जो सोशल मीडिया के विभिन्न इंटरटेनमेंट ऐप और यूट्यूब पर अपना वीडियो डालकर कम समय में फेमस होना चाहते हैं। और इसके लिए किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने से गुरेज नहीं करते हैं। ऐसा ही एक वाक्य शनिवार को जामताड़ा रेलवे स्टेशन से महज 200 मीटर की दूरी पर देखने को मिला। जब 11वीं बोर्ड की परीक्षा देने आए दर्जनाधिक छात्रों की अलग-अलग टोली दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेल लाइन पर खड़े होकर वीडियो बनाते नजर आए।
दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेल लाइन पर स्टेट जामताड़ा रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे ट्रैक पर दिन भर टीन एजरों की भीड़ भाड़ लगी रहती है। यह लड़के आठवीं से बारहवीं तक के छात्र हैं, जो रेलवे लाइन पर खड़े होकर विभिन्न इंटरटेनमेंट ऐप, यूट्यूब, टकाटक के लिए वीडियो बनाते रहते हैं। इस दौरान रेल गाड़ियों का आना-जाना जारी रहता है लेकिन इसका असर इन लोगों पर नहीं पड़ता है। खुलेआम जन जोखिम में डालकर रेलवे के सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाते है। अगर अपलाइन से ट्रेन गुजर रही हो तो डाउन लाइन पर सिफ्ट होकर वीडियो बनाते हैं और डाउन लाइन से गाड़ी गुजरती है तो अप लाइन की ओर चले जाते हैं। कभी-कभी स्थिति यह हो जाती है कि दोनों ट्रैक पर टेन आ जाती है और बीच में खड़े युवक ट्रेन के गुजरने का इंतजार करते हैं। ताकि उसके बाद फिर से वीडियो बनाया जा सके।
आए दिन वीडियो बनाने के दौरान रेलवे लाइन पर हादसे की घटनाएं सामने आती रहती है। बावजूद इसके लोग लापरवाही बरत रहे हैं। वही रेल प्रशासन की ओर से भी इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। जामताड़ा रेलवे स्टेशन से महज 200 मीटर की दूरी पर कम उम्र के लड़कों की टोली जमा होते हैं और रेलवे ट्रैक पर घंटों वीडियो बनाते रहते हैं। यूट्यूब, टकाटक जैसे विभिन्न एप पर फेमस होने के लिए नई पीढ़ी अपनी जान जोखिम में डाल रही है। इस बात का इन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं है कि इनकी लापरवाही इन्हें किस अंजाम तक पहुंचाएगी और इनके परिजनों की क्या हालत होगी।


