
जमशेदपुर। इन दिनों बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट (Board Result 2026) का मौसम चल रहा है। ऐसे में छात्रों के बीच भविष्य और अंकों को लेकर बढ़ती चिंता और तनाव को देखते हुए शहर के प्रमुख आत्महत्या निवारण केंद्र ‘जीवन’ (Jeevan) ने एक बेहद सकारात्मक पहल की है। संस्था ने छात्रों से अपील की है कि वे इस मुश्किल समय में चुपचाप तनाव झेलने के बजाय समय रहते भावनात्मक सहयोग (Emotional Support) लें। ‘जीवन’ ने स्पष्ट किया है कि परिणाम को लेकर डर या निराशा होना सामान्य है, लेकिन सही मार्गदर्शन से इसे आसानी से पार किया जा सकता है।
तनाव छिपाएं नहीं, खुलकर करें बात
संस्था ने विशेष रूप से उन छात्रों से संपर्क करने का आग्रह किया है जो अपने परीक्षा परिणाम (Exam Results) को लेकर अनिश्चितता या गहरे दबाव का सामना कर रहे हैं। ‘जीवन’ के प्रशिक्षित वालंटियर्स पूरी तरह से गोपनीय और निष्पक्ष माहौल में छात्रों की बात सुनने और उन्हें मानसिक संबल प्रदान करने के लिए उपलब्ध हैं। संस्था का मानना है कि इस दौर में बातचीत ही सबसे बड़ा समाधान है।
24 घंटे ईमेल और व्हाट्सएप से मिलेगी मदद
छात्रों की सुविधा के लिए ‘जीवन’ द्वारा सहायता के कई डिजिटल माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं। यदि कोई छात्र फोन पर बात करने में असहज है, तो वह किसी भी समय ईमेल [email protected] के माध्यम से संपर्क कर सकता है, जो 24 घंटे सक्रिय रहता है। इसके अलावा, व्हाट्सएप नंबर 9297777499 और 9297777500 पर भी संदेश भेजे जा सकते हैं। इन संदेशों का जवाब कार्यालय समय (सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक) के दौरान संस्था के विशेषज्ञों द्वारा दिया जाता है।
बिष्टुपुर केंद्र में फेस-टू-फेस काउंसलिंग की सुविधा
जो छात्र या अभिभावक आमने-सामने बैठकर अपनी समस्या साझा करना चाहते हैं, उनके लिए ‘जीवन’ केंद्र में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक ‘इन-पर्सन बिफ्रेंडिंग’ (In-Person Befriending) सेवा उपलब्ध है। यह केंद्र 25 क्यू रोड, बिष्टुपुर (Bistupur) में स्थित है। यहां लोगों को एक सुरक्षित और शांत वातावरण मिलता है जहां वे बेझिझक अपनी परेशानियां बता सकते हैं। तत्काल आपातकालीन सहायता के लिए भी इन्हीं हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल किया जा सकता है।
मदद मांगना कमजोरी नहीं, साहस है
‘जीवन’ के प्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया है कि मदद मांगना किसी भी तरह से कमजोरी नहीं, बल्कि साहस का प्रतीक है। संस्था ने जमशेदपुर के सभी छात्रों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की है कि इस रिजल्ट के सीजन में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और उन पर अंकों का अनावश्यक दबाव न डालें।


