
जमशेदपुर : टाटा पावर कम्पनी द्वारा निष्कासित फ्लाईऐश पानी से गोविन्दपुर भोलाबगान, विवेकनगर गदरा, राहरगोरा, तुपुडांग, बडा गोविंदपुर, कदमा आदि गांव में खेतों में प्रदूषण फैल रहा है. कृषि सही ढंग से नही हो पा रही है. उस पानी से मवेशी बीमार पड़ रहे हैं, प्लांट द्वारा पानी निकासी के लिए नाली भी नही बनाया गया है. इसको लेकर समाजिक सेवा संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने राजेश सामंत के नेतृत्व में सोमवार को कंपनी के प्लांट हेड से मुलाकात की. साथ ही उन्हें मांग पत्र सौंपा. जिसमें कंपनी की ओर से बहाए जा रहे फ्लाईऐश से होने वाली समस्याओं से उन्हें अवगत कराया गया. राजेश सामंत ने बताया कि गर्मी के मौसम में प्लांट के आस पास के गांव में डस्ट जम जाता है और चापाकल और कुंए का पानी भी दूषित हो जाता है. उस पानी के सेवन से बिकलांग बच्चों के जन्म लेने की बात भी सामने आयी है. उन्होंने कहा कि प्लांट द्वारा पाइप लाइन से फ्लाईऐश पानी जेम्को तालाब में ले जाया जाता है. पाइप लाइन जेम्को रोड में हमेशा ब्रेक डाउन होने के कारण सडक़ पर बहता हैं. जिससे आने जाने वालों को भी दिक्कत होती है. प्लांट हेड को इसका वीडियो भी दिखाया गया. जेम्को तालाब से बरसात के समय फ्लाईऐश पानी बहने और गर्मी में डस्ट उडऩे के कारण अगल बगल के गांव जेम्को, सोपोड़ेरा, बामनगोरा, सलगाझरी में प्रदूषण फैल रहा हैं. प्रतिनिधिमंडल ने प्लांट हेड से फ्लाईएश से सम्बंधित समस्याओं को दुरुस्त करने और फ्लाईऐश पानी निकासी के लिए नाली बनाने की मांग की. साथ ही चेताया कि इसका समाधान नहीं होने पर ग्रामवासी कंपनी गेट पर महिलाओं,बच्चों, पशुओं के साथ धरना प्रदर्शन को बाध्य होंगे. प्रतिनिधिमंडल में मोहन भगत, विवेक गुप्ता, राजा कालिन्दी, प्रदीप महतो, सोनू कुमार श्रीवास्तव, विश्वाजीत भगत, बिरजु पात्रो, सुधाकर लोहरा, कौशल श्रीवास्तव, राहुल गुप्ता, पंकज जयसवाल, गोपाल कर्मकार, ज्योति पूर्ती, प्रिंस कुमार, बिष्णु प्रकाश आदि शामिल थे.



