
जमशेदपुर।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी गुरुवार को जमशेदपुर के गोपाल मैंदान में बटन दबाकर 1876 करोड़ की 10.04 किलोमीटर वाली एलिवेटेड डबल डेकर कोरिडोर योजना की लोकार्पण किया। वही इसके अलावे झारखंड राज्य की 3842 करोंड़ की लागत की 9 अन्य योजनाओं का शिलान्यास किया गया। इन सभी योजनाओं का लाभ झारखंड, ओड़िशा और बंगाल के लोगों को होगा। वही एनएच 33 पर जाम से भी मुक्ति मिलेगी।


झारखंड ,ओड़िसा और बंगाल से सीधे जुड़ जाएगा- गडकरी
इस दौरान अपने संबोधन में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश का विकास में झारखंड का योगदान रहा है। यहां से कोयला और आयरन प्राप्त होता है। विकास का सबसे महत्वपूर्ण आयाम सड़क ही होता है। अमेरिका अगर आज विकास की ओर से अग्रसर है तो इसका मुख्य कारण सुगम सड़क मार्ग ही है। उन्होंने कहा है कि रोजगार के ओधोगिक विकास होना जरुरी है। अगर इंडस्ट्री कंही भी लगाना है तो चार बातों को होना जरुरी है जिनमे एक है वाटर,पावर,ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन है।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के आने के पहले झारखंड में 200-250 किलोमीटर तक ही राष्ट्रीय मार्ग था आज झारखंड में 4000 किलोमीटर से ज्यादा राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण करवा दिया गया है । उन्होंने कहा कि झारखंड के विकास के लिए 2 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का कार्यक्रम बनाया हैं। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि देश की पहली डबल डेकर सड़क का शुरुआत झारखंड के जमशेदपुर से हुई हैं। उन्होंने इसके लिए जमशेदपुर के स्थानिय सांसद विधुत वरण महतो के साथ –साथ स्थानिय जनता तो धन्यवाद दिया हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावे जमशेदपुर में 2843 करोड़ की लागत से 220 किलोमीटर की दस परियोजना के लोकार्पण और शिलान्य़ास हो रहा है।
टाटा- रांची रोड पर तो किताब लिखा जा सकता है
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने टाटा –रांची रोड पर चुटकी लेते हुए कहा कि टाटा- रांची रोड पर किताब तक लिखा जा सकता है। इस सड़क को लेकर कई परेशानी का सामना करना पड़ा । कोर्ट ने भी कई बार इस मामले को लेकर संज्ञान में लिय़ा।यही नही ठेकेदार को टर्मिनेट किया गया । कई बार वन विभाग से लेकर जमीन अधिग्रहण में समस्या आई। उन्होंने कहा कि हेलीकाप्टर से उन्होंने टाटा –रांची सड़क पर वाहनो को चलते देखा। तो काफी खुशी मिली। उन्होंने कहा है कि पहली बार हुआ कि टाटा –रांची रोड को लेकर किसी ने शिकायत नहीं की।
टाटा- रांची की दुरी डेढ़ से पौने दो घंटे में तय होगा
उन्होंने कहा कि पहले रांची से टाटा आने में चार से पांच घंटे लगते थे। लेकिन यह स़ड़क बन जाने के बाद दुरी घटकर मात्र डेढ़ से पौने दो घंटे लगेंगे। उन्होनें कहा कि इस सड़क के बन जाने से लोगो को जाम से मुक्ती मिलेगी।
टाटास्टील के स्लैग से बना सड़क
मंत्री गडकरी ने कहा है कि उन्हें इस बात की खुशी है कि टाटा स्टील से निकलने वाले स्लैग का उन्होंने सड़क के निर्माण करने में उपयोग किया। टाटा –रांची सड़क के शहरबेड़ा से महुलिया तक 44 किलोमीटर सड़क के निर्माण में इस स्लैग का उपयोग किया गया हैं। उन्होंने अपने संबोधन में टाटा स्टील के एम डी से अनुरोध किया हैं कि वे अपने वेस्ट मैटेरियल जहां पड़ा है उसे हमे दे । उसे हमे दें मै उसका सदुपयोग करते हुए बिहार और झारखंड मे सड़क बनाउगां। इसस आपके जगह भी खाली हो जाएगा।
कौन –कौन थे मौजूद
इस दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अलावे पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास. स्थानिय सांसद विधूत वरण महतो ,सिंहभूम सांसद गीता कोड़ा, एनएचएआई के टेक्निकल मेंबर महादेव सिंह, एनएचएआई के चीफ जनरल मैनेजर, सीजेएम एसके मिश्रा, एएस कपूर, स्वर्णरेखा प्रोजेक्ट के चीफ इंजीनियर एके दास के अलावा अन्य अतिथि मौजूद थे।


