
जमशेदपुर : निकाय चुनाव, लोकसभा व राज्य चुनाव की तैयारियां अभी से प्रारंभ कर दी गई है। इसे लेकर युवा वोटर को जागरुक करने, कालेजों में चुनावी साक्षरता क्लब गठित करने तथा शहरी क्षेत्र के मतदाताओं को जागरुक करने के लिए को-आपरेटिव कालेज में कोल्हान स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें कोल्हान विश्वविद्यालय के विभिन्न कालेजों के प्रिंसिपल व विद्यार्थी शामिल रहे। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत को-आपरेटिव कालेज के प्राचार्य डा. अमर सिंह ने किया। इस कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रविकुमार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की अपेक्षा शहरी क्षेत्र के मतदाता अधिक उदासीन है। शहर में 45-46 प्रतिशत से उपर मतदान जाता नहीं, जबकि गांवों में 80 प्रतिशत से उपर तक मतदान हो जाता है। उन्होंने कहा कि यह राज्य के चिंतनीय बात है कि 23 लाख से अधिक यूथ वोटर गायब है। ये सभी 18 से 29 साल तक के वोटर है। इन्हें हम सबको मिलकर ढूंढना होगा। इसके लिए कालेज से अच्छा माध्यम से कोई नहीं हो सकता। कालेज में जो 17 वर्ष से अधिक उम्र के हो चुके हैं वे भी एनवीएसपी के साइट जाकर आवेदन कर दें। बस उनका काम खत्म। अठारह वर्ष ही आपका वोटर कार्ड आपके घर में पहुंच जाएगा। उन्होंने कालेजों को बताया कि चुनावी साक्षरता क्लब का गठन करना तथा उनके अधीन गतिविधियों को संचालित करना अब अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए अलग से अंक नैक द्वारा भी कालेजों के समय मूल्यांकन के लिए दिया जाने लगा है। उन्होंने कहा कि युवा वोटर के गायब होने के पीछे कई कारण भी बताए है। सबसे पहला कारण उन्होंने माइग्रेट होना बताया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि वे 29 नवंबर को टाटा स्टील के मजदूरों के साथ चुनावी कार्यशाला करेंगे। कार्यशाला को कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. गंगाधर पंडा, उच्च शिक्षा विभाग के उप निदेशक विभा पांडे, केयू के रजिस्ट्रार डा. जयंत शेखर उपस्थित थे।




