
कृषि कानून के खिलाफ किसानों ने भरी हुुंकार


जमशेदपुर में बंदी को मिला व्यापारियों का पूर्ण समर्थन
JAMSHEDPUR
तीन काले कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन के तहत भारत बंद को जमशेदपुर की जनता व व्यापारियों का पूर्ण समर्थन मिला। सभी छोटी-बड़ी दुकानें व्यापारियों ने स्वयं ही बंद रखीं। इस दौरान किसानों ने शहर व राजमार्ग पर धरना प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के विरुद्ध अपना आक्रोश व्यक्त किया।
किसान आंदोलन एकजुटता मंच के तत्वाधान में गुरुद्वारा सिंह सभा मानगो के प्रधान भगवान सिंह के नेतृत्व में सोमवार सुबह से विशाल जत्था शहर बंद कराने को निकल पड़ा था। राजमार्ग पर नरगा में सम्बोधित करते हुए भगवान सिंह ने कहा कि देश की जनता ने किसानो के हक़ में बंद को पूर्णतः सफल कर केंद्र सरकार की नींद उड़ा दी है। उन्होंने कहा
की आज का भारत बंद केवल किसान हितों लिए नहीं था बल्कि सभी देशवासियों के हितों के लिए था। किसान आंदोलन एकजुटता मंच की चंदना बनर्जी व सुमित रॉय ने कहा की भाजपा सरकार किसान विरोधी है जो केवल अपने पूंजीपती मित्रों के खातिर किसानों की अनदेखी कर रही है। गुरुद्वारा सिंह सभा मानगो के महासचिव जसवंत सिंह जस्सू ने बताया की आज की बंदी की सफलता के लिए भगवान सिंह के नेतृत्व में योजना के तहत कार्य किया गया। सोमवार सुबह को ही किसान आंदोलन एकजुटता मंच व मानगो गुरुद्वारा कमिटी के सदस्यों सहित अन्य बंद समर्थक मानगो गुरुद्वारा में इकठ्ठा हो गए थे वहीँ से मोटरसाइकिल से जमशेदपुर के विभिन्न क्षेत्रों साकची, कदमा, आदित्यपुर, जुगसलाई के बाद राजमार्ग में बंद कराने के लिए निकल पड़े।
भारत बंद की सफलता में प्रधान भगवान सिंह के नेतृत्व सुमित रॉय, गुरप्रताप सिंह, डॉ राम कविंदर, चंदना बनर्जी, गीता सुंडी, जसवंत सिंह जस्सू , सुखवंत सिंह सुखु, हीरा सिंह, हरजिंदर सिंह, रघुबीर सिंह, सुखदेव सिंह, दीपक रणजीत, मदन कुमार, मनदीप सिंह, बलबीर सिंह, तेजपाल सिंह, सनी सिंह, सुखलाल शांडिल, सूरज प्रधान, मिंटू प्रसाद, राजेश चौहान और सुखबीर सिंह ने अग्रणी भूमिका निभाई।
बंद समर्थकों ने पेश की मानवता की मिसाल
तीन काले कृषि कानूनों के विरोध में शांतिपूर्ण भारत बंद के दौरान राजमार्ग पर बंदी के कारण ट्रैफिक जाम में फंसे वाहन चालकों और सवारियों को गुरु का लंगर छकाया गया।
गुरुद्वारा सिंह सभा मानगो के कमिटी सदस्यों ने भगवान सिंह की अगुवाई में किसी भी राहगीर को खाली पेट नहीं रहने दिया। बंद की जद से प्रभावित वाहन चालकों और सवारियों को लंगर और पानी की सेवा कर उन्हें तृप्त किया। नरगा में एक राहगीर ने बताया की बंद समर्थकों ने खाना खिलाकर लाखों दुवाएं ली उनके इस व्यव्हार के कारण वे स्वतः ही गाड़ी रोक कर बंद का समर्थन करने लग गए।

