-आदित्यपुर में समाज के लोगों की नयी प्रथा की शुरुआत
-प्रकृति की पूजा के लिए लगाए पेड़, बली प्रथा का प्रतिकार
-बाबा साहेब के सपनों को साकार करने का लिया संकल्प
जमशेदपुर : आदित्यपुर में रजक समाज को-ऑपरेटिव सोसायटी एवं संत गाडगे जागृति मंच के तत्वावधान में धूमधाम से परंपरापूर्वक हरी हरि पूजा का आयोजन किया गया. इस दौरान खास बात यह रही कि समाज के लोगों ने सदियों से चली आ रही कुप्रथाओं एवं अंधविश्वास की बली चढ़ाते हुए पूजा की नई प्रथा की शुरुआत की. इस दौरान आदित्यपुर राधा स्वामी खरकाई नदी घाट पर पहले तो परंपरा के मुताबिक श्रद्धापूर्वक सामूहिक पूजा-अर्चना की गई. उसके बाद प्रकृति की पूजा के लिए सडक़ किनारे कई पेड़ लगाए गए. साथ ही, बाबा साहेब डॉ भीम राव अंबेडकर के सपनों को साकार करने का समाज के लोगों ने संकल्प लिया. उसके बाद आदित्यपुर-2 के रोड नंबर-14 स्थित राम मंदिर प्रांगण में सामूहिक महाभोग का आयोजन किया गया. इस अवसर पर समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में महाभोग ग्रहण किया. मालूम हो जमशेदपुर, आदित्यपुर और गम्हरिया समेत आस-पास के क्षेत्रों में वर्षों से आषाढ़ के महीने में हरी हरी पूजा का आयोजन होता रहा है. यह पूजा वास्तव में हरियाली का प्रतीक है. हालांकि, इस दौरान जीव-जंतुओं की बली की भी प्रथा थी, जिसे कुप्रथा करार देते हुए बली प्रथा के प्रतिकार का समाज के लोगों ने संकल्प लिया. इसके साथ ही अंध विश्वास को छोडक़र शिक्षा समेत अन्य क्षेत्रों में आगे बढऩे का संकल्प लिया गया. ताकि समाज के लोगों का विकास हो सके.
विशुद्ध रुप से प्रकृति पूजा है हरी हरि पूजा : शारदा देवी
इस मौके श्रीमति शारदा देवी ने कहा कि हरी हरि पूजा विशुद्ध रुप से प्रकृति की पूजा है. जिसका आषाढ़ महीने में आयोजन होता है.
पूजा के दौरान पारंपरिक ढ़ंग से बलि प्रथा को महत्व दिया जाता था, लेकिन वास्तविकता यह है कि यह पूजा विशुद्ध रुप से प्रकृति की पूजा ही है. यह पूजा हरियाली का प्रतीक है. इसी को लेकर पूजा के दौरान प्रकृति को हरा-भरा रखने के लिए पेड़ लगाए गए. आज के दौर में तो खासतौर पर इसका बेहद महत्व है कि प्रकृति में हरियाली आए. इससे कई प्राकृतिक संकटों से बचा जा सकता है. उन्होंने कुप्रथाओं को छोड़ समाज के लोगों को विकास की दिशा में बढऩे का आह्वान किया.
समाज के लोगों ने बढ़चढक़र लिया भाग
कार्यक्रम में जमशेदपुर रजक समाज के अध्यक्ष विमल कुमार रजक समेत समाज के अन्य लोगों ने बढ़चढक़र भाग लिया. सबों ने इस आयोजन की जमकर सराहना की. मौके पर रजक समाज को-ऑपरेटिव सोसायटी के महासचिव दुर्गा राम बैठा, गम्हरिया रजक समाज के अध्यक्ष राम लखन रजक, संत गाडगे जागृति मंच के अध्यक्ष उपेन्द्र रजक, कनीय अभियंता हरिनंदन रजक, रंजीत रजक, जीतू रजक, मदन रजक, लखन रजक, मनोज रजक, लाल रजक, नागिन रजक, सोनू रजक, सुरेश रजक, राजू कुमार रजक, लखी देवी, अन्नु कुमारी, छोटी कुमारी, बच्चू रजक, वीरेन्द्र रजक, सुमन देवी समेत समाज के कई लोग उपस्थित थे.
