जमशेदपुर.
जमशेदपुर के टिनप्लेट गुरुद्वारा की प्रधानगी को लेकर विपक्ष के आरोपों को लेकर उठे विवाद में रविवार को नया मोड़ सामने आया. जहां विपक्ष के उम्मीदवार गुरदयाल सिंह मानावाल और उनके चार समर्थकों ने सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कार्यालय में अपने प्रतिद्वन्दवी उम्मीदवार सुरजीत सिंह खुशीपुर और चुनाव कमेटी के संयोजक गुरचरण सिंह बिल्ला से माफी मांगनी पड़ी.
इसे लेकर मंगलवार की शाम टिनप्लेट गुरुद्वारा के कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई. इसमें सुरजीत खुशीपुर और गुरचरण सिंह बिल्ला ने कहा कि गत 11 अप्रैल को विपक्षी गुट ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की थी. उनके द्वारा कई आरोप लगाए गए थे. इनमें शिक्षक नियुक्ति का मामला, पूर्व प्रधान बिल्ला के हिसाब किताब नहीं देने का मामला, गुरुद्वारा के गद्दे बेचने आदि कई आरोप लगाए थे. उसके बाद खुशीपुर और बिल्ला ने सीजीपीसी में एक पत्र दिया और चेतावनी दी कि अगर वह आरोप सिद्ध कर देते हैं तो उनकी पूरी टीम अपना इस्तीफा देगी और विपक्ष को चार्ज दे देगी. इसके बाद सीजीपीसी ने हस्तक्षेप किया.
आज मंगलवार को गुरदयाल सिंह के साथ उनकी टीम में गए कश्मीर सिंह शीरे, हरजिन्दर सिंह मत्तेवाल, गुरदीप सिंह काके ने माफी मांगी और आगे ऐसी गलती नहीं दोहराने की बात कही. बिल्ला और खुशीपुर ने पत्रकारों को बताया कि पूर्व के समय गुरुद्वारा कमेटी ने हेमकुंट स्कूल को लीज में दे दिया. वह विपक्ष के लोग संगत को लौटा दें, हम आपसी सहमति बना लेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव से हम डरने वाले नहीं है. अगर भविष्य में ऐसे बेबुनियाद आरोप लगाए गए तो चुनाव की प्रक्रिया से उन्हें बाहर कर दिया जायेगा. चुनाव निष्पक्ष हो रहा है. विपक्ष ये वादे करे कि संगत को स्कूल देंगे, अस्पताल देंगे. कॉलेज देंगे. झूठे आरोप लगाकर संगत को गुमराह नहीं करें. पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. वोटरलिस्ट बनते ही दूसरे उम्मीदवार को सौंप दी जाएगी, जिनका नाम भूलचूक छूट गया तो वह अपनी मासिक रसीद दिखाकर अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़ा सकते हैं. बाद में 10 दिनों बाद चुनाव करा दिया जायेगा. प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंजीत सिंह खालसा, सुरेंद्र सिंह शिंदे, सिकंदर सिंह फुलका, कुलदीप सिंह ज्ञानी, करमजीत सिंह कम्मे और खुशीपुर के कई समर्थक मौजूद थे.






