
जमशेदपुर, 25 अक्टूबर। सिख धर्म की आध्यात्मिक परंपरा, गुरु घर के प्रति श्रद्धा और सेवा-सिमरन की भावना के साथ रविवार को जमशेदपुर से श्रद्धालुओं का जत्था चंद्रकोना गुरुद्वारा साहिब के दर्शन के लिए रवाना हुआ। रंगरेटा महासभा झारखंड के तत्वावधान में आयोजित धार्मिक यात्रा की शुरुआत सुबह 10:30 बजे टुइलांगरी गुरुद्वारा साहिब से हुई। श्रद्धालुओं को सड़क मार्ग से एसी कोच बसों के माध्यम से चंद्रकोना ले जाया गया।
यात्रा के दौरान संगत में उत्साह और श्रद्धा का माहौल रहा। गुरु घर के प्रति समर्पण और आध्यात्मिक आस्था के साथ श्रद्धालुओं ने यात्रा प्रारंभ की। जत्थे को रवाना करने के अवसर पर सिख समाज के पदाधिकारी, गुरुद्वारा प्रबंधक, सामाजिक कार्यकर्ता और स्त्री सभा की सदस्य मौजूद रहीं।
रंगरेटा महासभा के प्रधान मंजीत सिंह गिल ने दी जानकारी
रंगरेटा महासभा झारखंड के प्रधान मंजीत सिंह गिल ने बताया कि महासभा की ओर से इससे पहले भी सिख इतिहास और धार्मिक स्थलों से संगत को जोड़ने के लिए यात्राओं का आयोजन किया गया है। कुछ दिन पहले लगभग 200 श्रद्धालुओं को रेल मार्ग से हजूर साहिब में आयोजित बाबा जीवन सिंह जी की जागृति यात्रा में शामिल कराया गया था।
उन्होंने बताया कि इस दौरान महाराष्ट्र के विभिन्न ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिबान के दर्शन भी संगत को कराए गए। मंजीत सिंह गिल ने कहा कि सिख इतिहास के प्रति लोगों को जागरूक करने और नई पीढ़ी को गुरु परंपरा से जोड़ने के लिए ऐसे प्रयास लगातार किए जाते रहेंगे। उन्होंने इन प्रयासों का श्रेय वाहेगुरु और समूह संगत को दिया।
सेवा, समानता और मानवता का संदेश
सिख परंपरा में गुरुद्वारा साहिब केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि सेवा, समानता, सद्भाव और मानव कल्याण की प्रेरणा देने वाला केंद्र माना जाता है। गुरु साहिबान की शिक्षाएं जाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता की सेवा करने तथा सभी के प्रति प्रेम और सम्मान का संदेश देती हैं।
चंद्रकोना गुरुद्वारा साहिब की यह धार्मिक यात्रा भी इन्हीं मूल्यों से प्रेरित है। संगत के लिए गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकना, अरदास करना और गुरु वाणी से आध्यात्मिक प्रेरणा प्राप्त करना यात्रा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
ये लोग रहे मौजूद
यात्रा को रवाना करने के अवसर पर सीजीपीसी के प्रधान भगवान सिंह, अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह, नामदा बस्ती गुरुद्वारा के प्रधान दलजीत सिंह और टुइलांगरी गुरुद्वारा के प्रधान सतबीर सिंह समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
इसके अलावा जसबीर सिंह, पादरी तरसेम सिंह, सुखदेव सिंह माली, बलबीर सिंह बब्लू, रविंद्र सिंह रिंकू, अमरदीप सिंह भाटिया, करमजीत सिंह कर्म, हरजिंदर सिंह रिंकू और जोगिंदर सिंह जोगी उपस्थित रहे।
स्त्री सभा की ओर से चरणजीत कौर, सतनाम कौर, बेबी, दलबीर कौर और रिकी कौर सहित अन्य सदस्य शामिल रहीं।
रंगरेटा महासभा झारखंड की ओर से मंजीत सिंह गिल, गुरमुख सिंह मुख्खा, साहिब सिंह साबू, दलजीत सिंह, रणजीत सिंह फौजी, सोनी सिंह, त्रिलोक सिंह, बाबा मलकीत सिंह और दिलबाग सिंह ने यात्रा के आयोजन में अपनी सेवाएं दीं।

