
जमशेदपुर.


अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के पूर्वी सिंहभूम जिला के बैनर तले रविवार को जुगसलाई के होटल मेरेडियन में “वैचारिकी ” पुस्तक का लोकार्पण हुआ.इस कार्यक्रम के राज्य उपभोक्ता संरक्षण आयोग के प्रभारी अध्यक्ष बसंत कुमार गोस्वामी बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए.
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर और भारत माता व स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया. उसके बाद प्रांत उपाध्यक्ष एंजिल उपाध्याय ने ग्राहक गीत गाया. प्रचार प्रसार टोली के सदस्य अंकेश ने संगठन मंत्र का वाचन किया.
मुख्य अतिथि बसंत कुमार गोस्वामी को संगठन की ओर से उत्तरीय, प्रतीक चिन्ह और पुष्प गुच्छ देकर अभिनंदन किया गया. स्वागत वक्तव्य पूर्वी सिंहभूम की पर्यावरण सह प्रमुख वंदना कुमारी ने दिया. कोल्हान प्रमंडल संयोजक वी प्रभु ने सभा को संगठन के बारे में जानकारी दी. उसके बाद अतिथियों ने “वैचारिकी” पुस्तक का लोकार्पण किया.
प्रांत पर्यावरण प्रमुख डॉ अनीता शर्मा ने पुस्तक पर अपनी बात रखते हुए कहा कि यह पुस्तक सामाजिक जागरण के महत्वपूर्ण विषयों पर हमें जागरूक करती है. कार्यक्रम में सभी रचनाकारों को दो पुस्तकें और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया.
पूर्वी सिंहभूम के अध्यक्ष पप्पू ने अपनी बात रखते हुए कहा कि समाज में विचारों की गतिशीलता आवश्यक है और वैचारिकी पुस्तक हमें विभिन्न विषयों पर जागरूक करेगी और चिंतन करने के लिए प्रेरित भी करेगी. मुख्य अतिथि बसंत कुमार गोस्वामी जी ने कहा कि जागरूक बनिए क्योंकि जागरूक समाज ही अपने अधिकार और कर्तव्य के प्रति चिंतनशील होता है. इन्होंने ई जागृति, सी पी ग्राम पोर्टल की भी विस्तृत जानकारी दी. इन्होंने कहा कि न्यायिक व्यवस्था में कई मामलों में सिर्फ इसलिए देर होती है क्योंकि नागरिकों को कानूनी प्रावधान की जानकारी नहीं रहती है.
प्रांत अध्यक्ष डॉक्टर कल्याणी कबीर ने कहा कि संगठन के उद्देश्य को हम विभिन्न तरीकों से जन समुदाय तक पहुंचाते हैं. साहित्य भी उसमें से एक माध्यम है. लेखन के जरिए भी हम ग्राहकीय बोध जागृत कर सकते हैं.
कार्यक्रम के अंत में पूर्वी सिंहभूम महिला आयाम प्रमुख आरती शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया. पूर्वी सिंहभूम पर्यावरण आयाम प्रमुख कुमार अमलेंदु ने कार्यक्रम का संचालन किया.वहीं पूर्वी सिंहभूम की महिला आयाम सह प्रमुख रीना परितोष ने कल्याण मंत्र का वाचन किया. कार्यक्रम की व्यवस्था में प्रांत कोषाध्यक्ष चंद्रनाथ बनर्जी और देवव्रत बनर्जी का महत्वपूर्ण सहयोग रहा. क्षेत्रीय संगठन मंत्री शिवाजी क्रांति ने शुभकामना देते हुए कहा कि हर व्यक्ति जागरूक होगा तो समाज भी सशक्त बनेगा.ग्राहक पंचायत हमेशा अपने लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कार्य करता रहा है. जागरूक करने वाले साहित्य की रचना आज समाज की आवश्यकता है, इस दिशा में “वैचारिकी” पुस्तक का उल्लेखनीय स्थान रहेगा.
पुस्तक की जानकारी :–
वैचारिकी पुस्तक में कुल 128 पेज है. इसमें गद्य और पद्य दोनों विधा में रचनाएं हैं. गद्य में कुल 33 रचनाएं हैं, जबकि पद्य में कुल 17 रचनाएं हैं. कुछ लेखकों ने गद्य- पद्य दोनों में ही अपनी रचनाएं लिखी हैं. इसमें कुल 48 लेखकों की रचनाएं हैं. महत्वपूर्ण बात यह है कि यह पुस्तक बहुत सारे ऐसे विषयों का संकलन है जिस पर आज जन समुदाय को जागृत करने की आवश्यकता है, जैसे ग्राहक के अधिकार, जमाखोरी का बहिष्कार, विज्ञापन का भ्रम जाल, कचरे का सही निष्पादन,ओ टी टी के दुष्परिणाम ,अवध का राम मंदिर ,ऑनलाइन खरीदारी के जोखिम , पेसा अधिनियम 1996 ,योग और ध्यान. पुस्तक के तीन संपादक हैं — ग्राहक पंचायत की प्रांत उपाध्यक्ष एंजेल उपाध्याय, प्रांत पर्यावरण प्रमुख डॉक्टर अनीता शर्मा और पर्यावरण आयाम प्रमुख कुमार अमलेंदु.
इस पुस्तक में शुभकामना संदेश ग्राहक पंचायत के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री दिनकर सबनीस और क्षेत्रीय संगठन मंत्री शिवाजी क्रांति ने दिया है.
इस लोकार्पण कार्यक्रम में संस्था की वरिष्ठ महिला साहित्यकार डॉक्टर सरित किशोरी,विजयलक्ष्मी वेदुला के साथ-साथ डॉली परिहार,सागर चौबे, डॉक्टर सुमन लता ,सूरज कुमार, सागरिका मिश्रा, पूर्वी सिंहभूम के उपाध्यक्ष मनोज लाकड़ा,मीरा गुप्ता,डॉ रजनी रंजन,सुकुमार,अभिलाषा कुमारी और अन्य उपस्थित थे. उल्लेखनीय बात यह रही कि इस पुस्तक में विद्यार्थी समूह से छात्रा मुस्कान कुमारी, बबली कुमारी, इच्छा कुमारी ,कुमकुम कुमारी ,अंशु कुमारी की भी रचनाएं प्रकाशित की गई हैं.



