
जमशेदपुर।
ऑल इंडिया स्मॉल एंड मीडियम जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन (AISMJWA) के प्रतिनिधिमंडल ने पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन कोल्हान प्रमंडल आयुक्त कार्यालय में सौंपा।
इस ज्ञापन में राज्य में पत्रकार सम्मान सुरक्षा योजना के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठाए गए हैं। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि इस योजना की घोषणा तो की गई थी, लेकिन इसका लाभ पत्रकारों तक नहीं पहुंच पाया है।
81 विधायक और 5000 पत्रकारों से पूछा सवाल
इस अवसर पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव प्रीतम सिंह भाटिया ने कहा कि झारखंड में 2022 के बजट सत्र के दौरान सरकार के जनसंपर्क विभाग ने पत्रकार सम्मान सुरक्षा योजना लागू करने की बात कही थी।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह मुद्दा सत्ता और विपक्ष के विधायकों द्वारा उठाया गया था, तब 2022 के बाद से 81 विधायक और लगभग 5000 पत्रकार इस योजना को लेकर खामोश क्यों हैं। उन्होंने कहा कि सभी को सरकार से यह पूछना चाहिए कि यह योजना आखिर लागू कहां हुई।
कई महत्वपूर्ण मांगें उठाईं
ज्ञापन के माध्यम से एसोसिएशन ने राज्य में पत्रकारों से जुड़े कई अहम मुद्दों को उठाया। इनमें प्रमुख रूप से—
पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करना
प्रेस क्लब के लिए बीमा सुविधा
पत्रकारों के लिए पेंशन योजना
आवास सुविधा
पत्रकार आयोग का गठन
एक्रिडेशन प्रक्रिया को सरल बनाना
एसोसिएशन का कहना है कि इन मांगों पर सरकार को जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए।
प्रेस क्लब निर्माण को लेकर भी उठे सवाल
प्रीतम भाटिया ने कहा कि राज्य में प्रेस क्लब के निर्माण की प्रक्रिया भी ठप हो चुकी है। उन्होंने बताया कि देवघर में मौजूद प्रेस क्लब भी फिलहाल कब्जे में है, जिससे पत्रकारों को काफी परेशानी हो रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि देवघर के डीसी पत्रकारों को पहले अपना अध्यक्ष चुनने की सलाह दे रहे हैं, जबकि लोकसभा, विधानसभा और नगर निकाय चुनाव भी प्रशासन के नेतृत्व में कराए जाते हैं। ऐसे में पत्रकारों के चुनाव में देरी समझ से परे है।
कई पदाधिकारी रहे मौजूद
इस मौके पर एसोसिएशन के झारखंड प्रभारी शंकर गुप्ता, कोल्हान प्रमंडल प्रभारी अजय महतो, सरायकेला-खरसावां जिला अध्यक्ष दशरथ प्रधान, सचिव दीपक महतो और पश्चिम सिंहभूम जिला अध्यक्ष मनीष सिंह सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
पत्रकारों ने सरकार से मांग की है कि इन सभी मुद्दों पर जल्द सकारात्मक पहल की जाए, ताकि राज्य के पत्रकारों को सुरक्षा और सम्मान मिल सके।


