जमशेदपुर।
चंडीगढ़ स्थित शहीद बाबा जीवन सिंह भिलाई ट्रस्ट के अध्यक्ष और कार सेवा वाले सरदार बाबा जसवंत सिंह का सोमवार सुबह 7:30 बजे चंडीगढ़ में निधन हो गया। उनके निधन की दुखद खबर जैसे ही झारखंड और विशेषकर जमशेदपुर में बसी सिख संगत तक पहुंची, पूरे समाज में शोक की लहर दौड़ गई। इस हृदय विदारक घटना से मर्माहत लोग तुरंत एक-दूसरे को फोन कर अपना दुख साझा करने लगे। बाबा जसवंत सिंह के निधन को सिख पंथ और पूरे समाज के लिए एक बड़ी और अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
रंगरेटा महासभा ने मौन रखकर दी श्रद्धांजलि
इस दुखद सूचना के मिलते ही जमशेदपुर रंगरेटा महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मनजीत सिंह के नेतृत्व में तत्काल एक विशेष शोक सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में शहर की सिख संगत के लोगों ने एकत्रित होकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा और बाबा जसवंत सिंह को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। शोक सभा का माहौल बेहद गमगीन था, और वहां मौजूद हर व्यक्ति पंथ के प्रति उनके द्वारा किए गए निस्वार्थ सामाजिक और धार्मिक कार्यों को याद कर रहा था।
‘बाबा जीवन सिंह का इतिहास घर-घर पहुंचाने में रहा अहम योगदान’
शोक सभा को संबोधित करते हुए मनजीत सिंह ने कहा कि बाबा जसवंत सिंह का सिख समाज में बहुत ऊंचा और आदरणीय स्थान था। उन्होंने अपना पूरा जीवन गुरु घर और पंथ की सेवा में समर्पित कर दिया। मनजीत सिंह ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि आज जो शहीद बाबा जीवन सिंह का गौरवशाली इतिहास जन-जन और घर-घर तक पहुंचा है, उसमें बाबा जसवंत सिंह का बहुत बड़ा और ऐतिहासिक योगदान रहा है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि आज समाज में उनके जाने से जो कमी पैदा हुई है, उसे शायद ही कभी पूरा किया जा सके।
29 को अंतिम अरदास में शामिल होने चंडीगढ़ जाएंगे जमशेदपुर के लोग
बाबा जसवंत सिंह की आत्मिक शांति के लिए 29 तारीख को चंडीगढ़ में अंतिम अरदास का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इस महत्वपूर्ण रस्म में शामिल होने और बाबा जी को अंतिम विदाई देने के लिए जमशेदपुर, झारखंड और पंजाब से सिख संगत के कई प्रमुख लोग चंडीगढ़ के लिए रवाना होंगे। जमशेदपुर के सिख समाज ने फैसला किया है कि वे भारी संख्या में वहां पहुंचकर दिवंगत आत्मा के प्रति अपना सम्मान और श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे।
शोक सभा में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
जमशेदपुर में आयोजित इस शोक सभा में सिख समाज के कई प्रमुख चेहरे और सेवादार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इनमें मनजीत सिंह, जसबीर सिंह बद्री, सुखदेव सिंह माली, तरसेम सिंह, प्रताप सिंह, साहब सिंह, गुरदीप सिंह केके और बलबीर सिंह सहित भारी संख्या में अन्य लोग शामिल थे। सभी ने नम आंखों से बाबा जसवंत सिंह को याद किया और उनके बताए सेवा के मार्ग पर चलने का दृढ़ संकल्प लिया।



