
जमशेदपुर ।
शहर में वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए सिदगोड़ा (Sidgora) थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने शहर में सक्रिय एक वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अपराधियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की गई तीन गाड़ियां भी बरामद की हैं। पुलिस ने इस मामले में सिदगोड़ा थाना कांड संख्या 66/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2)/3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
रात 2:30 बजे गश्ती के दौरान धरे गए दो चोर
घटनाक्रम के अनुसार, 6 और 7 मई की दरम्यानी रात सिदगोड़ा थाना पुलिस नियमित गश्ती (Night Patrolling) पर थी। इसी दौरान रात करीब 2:30 बजे एआईडब्ल्यूसी स्कूल (AIWC School) के पास पुलिस की नजर एक संदिग्ध मोटरसाइकिल पर पड़ी, जिस पर दो युवक सवार थे। पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया, तो दोनों युवक घबरा गए और बाइक घुमाकर भागने की कोशिश करने लगे। हालांकि, गश्ती दल ने तत्परता दिखाते हुए सशस्त्र बल की मदद से घेराबंदी कर दोनों को मौके पर ही दबोच लिया।
खंडहर में चल रहा था चोरी की गाड़ियों के पुर्जे खोलने का खेल
पकड़े गए युवकों की पहचान रंजीत दिवर (27 वर्ष) और शेखर प्रमाणिक (27 वर्ष) के रूप में हुई। पूछताछ के दौरान दोनों बाइक के कागजात नहीं दिखा सके और सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने कबूल किया कि बाइक चोरी की है।
उन्होंने पुलिस को यह भी बताया कि उनके दो अन्य साथी सिदगोड़ा बारीडीह हाई स्कूल के पास स्थित एक खाली पड़े खंडहर क्वार्टर में छिपे हैं। वहां उन्होंने चोरी की दो अन्य स्कूटी छिपाकर रखी हैं और उनके पार्ट्स (पुर्जे) खोलकर बेचने की योजना बना रहे थे।
छापेमारी कर 2 अन्य गिरफ्तार
इस सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत उस स्थान पर छापेमारी की। मौके से पुलिस ने गिरोह के दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान संतोष भुईया उर्फ गोलू (21 वर्ष) और राज खान उर्फ आयुब अंसारी उर्फ फिरोज खान के रूप में हुई है।
बरामद की गई गाड़ियां:
पुलिस ने घटनास्थल से निम्नलिखित वाहन जब्त किए हैं:
एक काले रंग की हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (Hero Splendor)
एक काले रंग की होंडा एक्टिवा स्कूटी (Honda Activa)
एक नीले रंग की सुजुकी स्कूटी (Suzuki Scooty)
इनमें से एक स्कूटी के पार्ट्स को अपराधियों ने पहले ही खोल दिया था।
पुलिस नेटवर्क खंगालने में जुटी
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि यह गिरोह चोरी की गाड़ियों को सुनसान स्थानों पर छिपाकर उनके पार्ट्स अलग-अलग बेचने का काम करता था। सिदगोड़ा थाना पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने शहर के किन-किन इलाकों से वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है और इनके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस की इस तत्परता और त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने काफी सराहना की है।


