जमशेदपुर,: सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला के कुलपति डॉ. जेपी मिश्रा का बीते दिनों बंगलुरु के अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार बुधवार को रांची स्थित हरमू मुक्ति धाम में संपन्न हुआ, जिसमें उनके सुपुत्र ने मुखाग्नि दी।
डॉ. जेपी मिश्रा के निधन की खबर मिलने से शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई। उनके परिचितों का कहना है कि वे शिक्षा क्षेत्र के एक आधार स्तंभ थे। उनका निधन शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति लेकर आया है।
डॉ. जेपी मिश्रा को कुशल प्रशासक, योग्य शिक्षक और प्रेरक नेतृत्वकर्ता के रूप में जाना जाता था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत चांडिल कॉलेज, चांडिल के मनोविज्ञान विभाग से की और बाद में कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा के मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। इसके अलावा उन्होंने सीसीडीसी के रूप में कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए।
वर्तमान समय में वे सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला के कुलपति के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे। उनके निधन की खबर मिलने पर विश्वविद्यालय में शोक सभा आयोजित की गई और एक दिन के लिए सभी शैक्षणिक गतिविधियाँ स्थगित कर दी गईं।
सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने डॉ. जेपी मिश्रा के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि यह व्यक्तिगत रूप से उनके लिए भी अपूरणीय क्षति है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. गुलाब सिंह आजाद ने भी कहा कि डॉ. मिश्रा के साथ काम करने का अनुभव हमेशा याद रहेगा और उनका निधन गहरा दुख दे गया।




