जमशेदपुर,।
श्री श्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा कमिटी, टुइलाडुंगरी के भव्य दुर्गा पूजा पंडाल निर्माण के शुभारंभ के अवसर पर आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन दिन विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर पूजा कमिटी के मुख्य संरक्षक श्री राजू गिरी, अध्यक्ष श्री मिथलेश सिंह यादव एवं महासचिव श्री दिनेश कुमार और कर्ता कृष्णा साहू ने मुख्य यजमान के रूप में पूजा-अर्चना कर मां दुर्गा से क्षेत्रवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।
भूमि पूजन का अनुष्ठान पंडित निरंजन रथ एवं पंडित प्रदीप्त कुमार दास के मार्गदर्शन में विधिवत संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक अनुष्ठानों से पूरा पूजा स्थल भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।
इस अवसर पर महासचिव श्री दिनेश कुमार ने बताया कि टुइलाडुंगरी की यह दुर्गा पूजा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी आस्था, परंपरा और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि आजादी से पहले ओडिया समाज के लोगों द्वारा इस पूजा की नींव रखी गई थी और वर्ष 1934 से यहां निरंतर दुर्गा पूजा का आयोजन होता आ रहा है।
उन्होंने कहा कि समय के साथ पूजा ने अपना भव्य स्वरूप ग्रहण किया है। वर्ष 2000 से श्री श्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा कमिटी, टुइलाडुंगरी की पूजा शहर के प्रतिष्ठित एवं आकर्षक दुर्गा पूजा आयोजनों में शामिल हो रही है। हर वर्ष यहां भव्य पूजा पंडाल, आकर्षक सजावट, मनमोहक विद्युत सज्जा एवं मेले का आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है। पूजा के दौरान जमशेदपुर सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन करते हैं।
उन्होंने कहा कि कमिटी का प्रयास है कि धार्मिक आस्था और परंपरा को अक्षुण्ण रखते हुए इस वर्ष भी श्रद्धालुओं के लिए भव्य, आकर्षक एवं व्यवस्थित पूजा आयोजन किया जाए।
भूमि पूजन के साथ ही इस वर्ष के दुर्गा पूजा महोत्सव की तैयारियों का विधिवत शुभारंभ हो गया। कमिटी के सदस्यों ने श्रद्धालुओं से आगामी दुर्गा पूजा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने का आह्वान किया।
पूजा में राजकुमार सिंह, आमोद कुमार सिंह, प्रशांत गिरी, रंजीत गुप्ता, डॉ संजय गिरी, बी श्रीनिवास राव, बलकार सिंह, पाण्डेय प्रधान, अमरीक सिंह मिक्के, संजय कुमार साह, सागेन कंडूलना, आशीष प्रधान, वीरेंद्र प्रधान, सामू होनहागा, शिवनाथ बिहारी, राधेश्याम, उमेश जग्गी भोला आदि उपस्थित थे।


