
जमशेदपुर.
बहुचर्चित नागाडीह कांड की नौवीं बरसी के अवसर पर सोमवार को पीड़ित परिवार के जुगसलाई स्थित आवास पर मृतकों के भाई उत्तम वर्मा के नेतृत्व में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. सभा में नागाडीह कांड में मारे गए उत्तम वर्मा के दो भाई व उनके दोस्त और उनकी दादी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया. इस दौरान उपस्थित लोगों ने घटना को झारखंड के इतिहास की दर्दनाक घटनाओं में से एक बताते हुए दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग दोहराई.
न्याय की लड़ाई लड़ रहे परिवार को लगा झटका
कार्यक्रम में उत्तम वर्मा ने कहा कि पीड़ित परिवार बीते नौ वर्षों से न्याय के लिए संघर्ष कर रहा है, लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने उन्हें निराश किया है. मामले में कई आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में अदालत से बरी कर दिया गया. वहीं पिछले वर्ष निचली अदालत ने पांच दोषियों(राजाराम हांसदा,रेंगो पूर्ति, गोपाल हांसदा, सुनील सरदार और तारा मंडल) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. हालांकि, बाद में इन पांच दोषियों में से चार को हाई कोर्ट से जमानत मिल गई. इस फैसले से पीड़ित परिवार और सामाजिक संगठनों में नाराजगी देखी जा रही है.
सभा में उपस्थित लोगों ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया लंबी होने के कारण पीड़ित परिवार मानसिक और सामाजिक रूप से लगातार संघर्ष कर रहा है. उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषियों को कठोर सजा सुनिश्चित की जाए.
2017 में हुई थी दर्दनाक घटना
वर्ष 2017 में बागबेड़ा थाना क्षेत्र के
नागाडीह में बच्चा चोरी की अफवाह के बाद भीड़ ने गौतम वर्मा, विकास वर्मा, उनके दोस्त गंगेश गुप्ता और उनकी दादी रामसखी देवी की पीट- पीटकर हत्या कर दी थी. दुखद पहलू यह था कि पुलिस की मौजूदगी में यह सब हुआ, लेकिन समय पर फोर्स नहीं बुलाया गया. घटना के वक्त चारों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई थी, वहीं दादी रामसखी देवी को बुरी तरह घायल अवस्था में टीएमएच में दाखिल कराया गया था, जहां कुछ दिनों के बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी.
परिवार है निराश, मगर लड़ने का लिया संकल्प
उत्तम वर्मा ने कहा कि नागाडीह कांड केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है. उन्होंने कहा कि न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा. श्रद्धांजलि सभा में सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार के सदस्यों ने भाग लिया.


