
जमशेदपुर: प्रभावी शिक्षण और कक्षा प्रबंधन कौशल को निखारने के उद्देश्य से डीएवी पब्लिक स्कूल, बिस्टुपुर में आयोजित तीन दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला (सत्र 2026-27) का 18 जून 2026 को सफलतापूर्वक समापन हो गया। डीएवी सेंटर ऑफ एकेडमिक एक्सीलेंस, नई दिल्ली के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यशाला में झारखंड जोन-ई जमशेदपुर संभाग के विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों ने हिस्सा लिया।

विभिन्न 7 स्कूलों के 285 शिक्षकों को मिला आधुनिक प्रशिक्षण
इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में प्राथमिक, माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक स्तर के कुल 285 शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुए। कार्यशाला में मेजबान डीएवी पब्लिक स्कूल बिस्टुपुर के अलावा डीएवी सिजुआ, डीएवी महुदा, डीएवी मुगमा, डीएवी सिंदरी, डीएवी बहरागोड़ा और डीएवी को-ऑपरेटिव सीनियर सेकेंडरी स्कूल, खलारी के शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया।
इस वृहद कार्यशाला में लगभग सभी प्रमुख विषयों के शिक्षकों ने सहभागिता दर्ज की, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान।
गणित, विज्ञान, कंप्यूटर और कंप्यूटर साइंस।
संगीत एवं नृत्य, कला (आर्ट्स), पुस्तकालय विज्ञान, पीएचई और ईईडीपी।
पठन-पाठन की समस्याओं और नवीन शिक्षा पद्धति पर हुआ विमर्श
कार्यशाला का तीसरा और अंतिम दिन शिक्षकों के लिए बेहद प्रभावी एवं उपयोगी सिद्ध हुआ। इस दौरान सभी विषयों में आने वाली पठन-पाठन और अध्ययन-अध्यापन से संबंधित व्यावहारिक समस्याओं पर गहराई से चर्चा की गई और उनके आधुनिक समाधान खोजे गए। विषय विशेषज्ञों ने शिक्षा के क्षेत्र में आए समसामयिक बदलावों, शिक्षण कला तथा नवीन शिक्षा पद्धति पर खुलकर अपने विचार साझा किए।
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नई शिक्षण रणनीतियाँ बच्चों में जगाएंगी रुचि: प्राचार्या प्रज्ञा सिंह
कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित करते हुए विद्यालय की प्राचार्या सह एआरओ (झारखंड जोन-ई) प्रज्ञा सिंह ने सभी आगंतुक शिक्षकों का धन्यवाद किया। उन्होंने प्रशिक्षण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा:
“शिक्षकों को लगातार सीखने और नई शिक्षण रणनीतियों को विकसित करने के लिए ऐसे प्रशिक्षण सत्रों की नितांत आवश्यकता होती है। ये नवीन तरीके कक्षा में छात्रों की रुचि को वापस लाएंगे और उन्हें बेहतर ढंग से सीखने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।”
उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे कार्यशाला में सीखे गए अनुभवों, विभिन्न गतिविधियों और कलाओं का उपयोग अपने-अपने विद्यालयों में बच्चों को लाभान्वित करने के लिए करें। इससे वे ऐसे शिक्षक बन सकेंगे जो छात्रों में तर्कसंगत विचार और चिंतन के शैक्षिक स्तम्भ खड़े कर सकें।
बेहतर प्रबंधन की शिक्षकों ने की भूरि-भूरि प्रशंसा
यह पूरी तीन दिवसीय कार्यशाला प्राचार्या प्रज्ञा सिंह (प्रशिक्षण समन्वयक) के कुशल निरीक्षण में संपन्न हुई। इस आयोजन को सफल बनाने में डीएवी पब्लिक स्कूल बिस्टुपुर के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यशाला में शामिल होने आए बाहरी शिक्षकों ने विद्यालय प्रबंधन द्वारा ठहरने और भोजन की की गई उत्तम व्यवस्था की भूरि-भूरि प्रशंसा की।


