
जमशेदपुर,।
घाटशिला विधानसभा उपचुनाव की तारीख जैसे-जैसे नज़दीक आ रही है, क्षेत्र की राजनीतिक गतिविधियां भी तेज होती जा रही हैं। इसी क्रम में गुरुवार को घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के टुमांगडूंगरी और बनकाटी गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राजेश महाकुड के नेतृत्व में सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़कर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का दामन थाम लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य के मंत्री हफ़ीज़ुल हसन उपस्थित थे। उनके साथ झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता कुणाल षड़ंगी, नेता राजू गिरी, अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष हिदायतुल्ला खान, काजल डॉन और रंजित कोयरी भी मंच पर मौजूद रहे।
कुणाल षाड़ंगी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं का राजनीति के प्रति समर्पण आने वाले दिनों में घाटशिला विधानसभा के लिए एक स्वर्णिम काल लेकर आएगा। उन्होंने कहा कि राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे मईया सम्मान, कृषि ऋण माफी, सावित्रीबाई फुले किशोरी सम्मान, 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना से जनता को सीधा लाभ मिल रहा है।
भाजपा पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा —
“यह लड़ाई एक पढ़े-लिखे इंजीनियर और ऐसे व्यक्ति के बीच है, जिसके शिक्षा पर चर्चा करना समय की बर्बादी है। भाजपा के एक-एक किले को ढहाया जाएगा।”
उन्होंने इन योजनाओं का श्रेय स्वर्गीय रामदास सोरेन और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दिया।
वहीं राजू गिरी ने कहा कि नव-कार्यकर्ताओं के जुड़ने से झामुमो न केवल राज्य स्तर पर, बल्कि विधानसभा स्तर पर भी और अधिक मजबूत होगा।
हिदायतुल्ला खान ने भाजपा छोड़कर झामुमो में शामिल हुए सभी कार्यकर्ताओं को बधाई दी और कहा कि राज्य तभी तरक्की करेगा जब जनता राजनीतिक रूप से जागरूक बनेगी।
मंत्री हफ़ीज़ुल हसन ने भाजपा प्रत्याशी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा —
“यह सिर्फ़ एक सीट जीतने की नहीं, बल्कि विचारधारा और ईमानदारी की लड़ाई है। झामुमो का प्रत्याशी स्व. रामदास सोरेन का शिक्षित बेटा है, जबकि प्रतिद्वंदी एक धोखेबाज़ और पीठ में छुरा घोंपने वाले का पुत्र है।”
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा प्रत्याशी “दबंग और बिगड़ैल बच्चा” है और घाटशिला जैसे बुद्धिजीवी क्षेत्र से उसका जीतना दुर्भाग्यपूर्ण होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भाजपा सत्ता में थी, तब उसने उन कमियों को क्यों नहीं दूर किया जिनकी चर्चा अब कर रही है।
कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने “जय झारखंड, सोमेश सोरेन जिंदाबाद, स्व. गुरुजी अमर रहें, स्व. रामदास सोरेन अमर रहें” के नारों से माहौल गुंजा दिया।


