
जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों में पिछले 2 महीने से वेतन न मिलने के कारण भारी रोष और निराशा का माहौल है। सोमवार, 11 मई 2026 को ‘झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ’ (पूर्वी सिंहभूम जिला शाखा) के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) से उनके कार्यालय में मुलाकात की। संघ के सदस्यों ने लंबित वेतन की जल्द निकासी और शिक्षकों की अन्य गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए एक 3 सूत्रीय मांग-पत्र (ज्ञापन) सौंपा है।
वेतन न मिलने से मानसिक तनाव में हैं शिक्षक
जिला शिक्षा पदाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में संघ ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में शिक्षकों को ससमय वेतन नहीं मिलने के कारण भारी मानसिक और आर्थिक तनाव से गुजरना पड़ रहा है। वेतन के अभाव में शिक्षकों की इस परेशानी का सीधा असर विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था और बच्चों के पठन-पाठन पर पड़ रहा है।
ज्ञापन में संघ द्वारा रखी गईं 3 प्रमुख मांगें
शिक्षक संघ ने अपनी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए डीईओ के समक्ष निम्नलिखित तीन मांगें प्रमुखता से रखी हैं:
पहली तारीख को वेतन का भुगतान: सभी शिक्षकों का वेतन हर महीने की पहली तारीख को भुगतान करवाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें हर माह आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
जनगणना कार्य के दौरान विद्यालय से मुक्ती: आगामी जनगणना (Census) अवधि के दौरान शिक्षकों को विद्यालय के दैनिक कार्यों से पूरी तरह मुक्त रखा जाए, ताकि वे राष्ट्रहित के इस महत्वपूर्ण जनगणना कार्य को सही और ससमय ढंग से संपादित कर सकें।
ड्यूटी में वरीयता का ध्यान: जनगणना ड्यूटी में शिक्षकों की नियुक्ति करते समय उनकी वरिष्ठता (Seniority) और वरीयता का विशेष रूप से ध्यान रखा जाए।
शिक्षक संघ के प्रमुख पदाधिकारी रहे मौजूद
जिला शिक्षा पदाधिकारी से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखने और ज्ञापन सौंपने के दौरान झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ के कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से कार्यकारी अध्यक्ष शशिकांत सिंह, कोषाध्यक्ष बिट्टू सोनकर, मीडिया प्रभारी अमरनाथ शर्मा, उपाध्यक्ष मोना भूमिज, संरक्षक रीना कुमारी और सुबोध कुमार सहित कई अन्य माध्यमिक शिक्षक शामिल थे। सभी ने डीईओ से अनुरोध किया है कि वे इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए जल्द से जल्द वेतन भुगतान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करें।



