
जमशेदपुर।
टाटानगर रेलवे स्टेशन पर कर्मचारियों के लिए निर्धारित पार्किंग शुल्क में अचानक की गई भारी वृद्धि से नाराज़ रेलवे कर्मियों का गुस्सा फूट पड़ा है। मेंस यूनियन (MEN’s Union) की टाटा शाखा ने इस फैसले का विरोध जताते हुए अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 6 जुलाई 2025 को इन ऑन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा एक नया आदेश जारी किया गया, जिसमें स्टाफ पार्किंग का मासिक शुल्क 60 रुपये से बढ़ाकर सीधे 300 रुपये कर दिया गया। यह वृद्धि बिना किसी पूर्व सूचना या विचार-विमर्श के लागू कर दी गई, जिससे कर्मचारियों में असंतोष है।
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इस निर्णय के खिलाफ मेंस यूनियन टाटा शाखा के अध्यक्ष कॉमरेड एस. एन. शिव और शाखा सचिव कॉमरेड संजय सिंह ने एआरएम (ARM) टाटानगर और सीसीआई (CCI) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि इस तरह की अचानक और अत्यधिक शुल्क वृद्धि से रेलवे कर्मचारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और यह पूर्णतः अनुचित है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि ज़्यादातर कर्मचारी पहले से ही सीमित वेतन में काम कर रहे हैं और इतने अधिक शुल्क से उनकी दैनिक आवश्यकताएं प्रभावित होंगी। पार्किंग में बाइक खड़ी करने वाले सैकड़ों कर्मचारी अब इस बढ़ी हुई दर से परेशान हैं।
इस मुद्दे पर एआरएम साहब ने यूनियन प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि पार्किंग शुल्क को लेकर विभागीय स्तर पर हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो कंपनी से पुनर्विचार के लिए बातचीत की जाएगी।
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यूनियन ने ज्ञापन में एक और गंभीर समस्या की ओर ध्यान आकर्षित किया — रेलवे क्वार्टरों में सप्लाई हो रहा गंदा पानी। एआरएम ने तत्परता दिखाते हुए संबंधित अधिकारी से बात की और समस्या के शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया।एआरएम ने स्पष्ट किया कि रेल कर्मचारियों की बुनियादी सुविधाओं से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मेंस यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि पार्किंग शुल्क में जल्द ही संशोधन नहीं हुआ, तो वे धरना और विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाएंगे।



