
जमशेदपुर। पद्म पुरस्कार से सम्मानित मशहूर लोकगायिका शारदा सिन्हा अब इस दुनिया में नहीं रही। मंगलवार को दिल्ली एम्स में उन्होंने देर शाम को आखिरी सांस ली। उनके निधन पर एक ओर जहां पूरे देश में शोक की लहर है तो वहीं जमशेदपुर के सूर्य मंदिर समिति ने शारदा सिन्हा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। सूर्य मंदिर समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि शारदा सिन्हा जी के निधन से लोकगीत जगत ने अपनी एक अद्वितीय आवाज़ खो दी है, जिन्होंने जन-जन के हृदय में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। शारदा जी की आवाज़ में जो अपनापन और भाव था, उसने लोकसंस्कृति को न सिर्फ एक पहचान दी, बल्कि उसे जन-जन तक भी पहुँचाया। सूर्य मंदिर समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि वर्ष 2002 में शारदा सिन्हा जी ने छठ महोत्सव के अवसर पर सूर्य मंदिर परिसर में आकर महोत्सव की जो शोभा बढ़ाई थी, उस पल को समिति और भक्तगण कभी नहीं भूल सकते। उनके गीतों में आस्था, परंपरा और सच्चे भारतीय लोकजीवन का प्रतिबिंब झलकता था।
सूर्य मंदिर समिति के समस्त सदस्यों और भक्तों की ओर से शारदा जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार को इस अपार दुःख सहने की शक्ति दें।


