
जमशेदपुर।
जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के बिष्टुपुर प्रांगण में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की ओर से मादक पदार्थों के खिलाफ एक विशाल राज्यव्यापी जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं और समाज को नशे के गंभीर दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना और उन्हें एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

सरकार के दिशा-निर्देशों पर हुआ आयोजन
विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित यह महत्वपूर्ण अभियान झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के तहत किया गया। सरकारी आदेशों का पालन करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन और एनएसएस इकाई ने समाज में बढ़ती नशे की लत को दूर करने के लिए यह सकारात्मक कदम उठाया है।
रैली, नुक्कड़ नाटक और मानव श्रृंखला से दिया कड़ा संदेश
जागरूकता अभियान के तहत एनएसएस की उत्साही छात्राओं ने कैंपस में एक विशाल जागरूकता रैली निकाली, जिसमें नशा विरोधी नारे लगाए गए। इसके पश्चात, छात्राओं ने एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले पारिवारिक और सामाजिक नुकसान को दर्शाया। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्राओं और शिक्षकों ने एक विशाल मानव श्रृंखला बनाकर ‘नशा मुक्त भारत’ बनाने की दिशा में अपना दृढ़ संकल्प लिया।
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कार्यक्रम को सफल बनाने में इनका रहा अहम योगदान
इस पूरे जागरूकता और संकल्प कार्यक्रम को सुचारू रूप से संपन्न कराने में विश्वविद्यालय की एनएसएस इकाई की अहम भूमिका रही। इसे सफल बनाने में मुख्य रूप से एनएसएस कोऑर्डिनेटर डॉ. ग्लोरिया पूर्ति, एनएसएस ऑफिसर डॉ. सुनीता कुमारी और एनएसएस की सभी स्वयंसेविकाओं (वॉलंटियर्स) का अत्यंत महत्वपूर्ण और सक्रिय योगदान रहा।



