जमशेदपुर: साकची स्थित गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के अधीन संचालित मॉडर्न इंग्लिश स्कूल में आज विश्व पृथ्वी दिवस (Earth Day) बड़े ही उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर स्कूल के विद्यार्थियों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों के जरिए प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का एक मजबूत और स्पष्ट संदेश समाज को दिया। इस जागरूकता कार्यक्रम में स्कूल के चारों हाउस (रेड, ब्लू, ग्रीन और येलो) के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर अपनी रचनात्मक भागीदारी निभाई।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया प्रकृति सुरक्षा का अहम संदेश
पृथ्वी दिवस के उपलक्ष्य में स्कूल परिसर में कई तरह के सांस्कृतिक और जागरूकता कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने ओजस्वी भाषण, नुक्कड़ नाटक, गीत-संगीत और मनमोहक नृत्य प्रदर्शन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, पेड़ों की महत्ता और पृथ्वी को ग्लोबल वार्मिंग से बचाने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया। इन प्रस्तुतियों ने वहां मौजूद सभी लोगों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का गहराई से एहसास कराया। इस पूरे कार्यक्रम में कुल मिलाकर लगभग 40 विद्यार्थियों ने बहुत ही सक्रिय रूप से भाग लिया।
खासकर स्मिथ कौर, सजल कुमारी, आर्ची पोद्दार, आर्य सिंह, माही प्रीत, आर्यन कुमार, जश्न प्रकाश, आयुष कुमार, वंश कुमार, राजीव कुमार और गम्मा प्रगति ने अपने शानदार प्रतिभा प्रदर्शन से सभी का मन मोह लिया और खूब तालियां बटोरीं।
छोटी आदतों में बदलाव से बचेगी पृथ्वी: प्रधानाचार्य संतोख सिंह
इस पर्यावरण-अनुकूल कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधन के सहायक सचिव सतबीर सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने छात्रों का उत्साहवर्धन किया। वहीं, स्कूल के प्रधानाचार्य संतोख सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छात्रों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील होने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि “प्रकृति हमारी माता है और इसका संरक्षण हमारा प्राथमिक कर्तव्य है।”
प्रधानाचार्य ने सभी विद्यार्थियों से एक मार्मिक अपील करते हुए कहा कि वे अपनी छोटी-छोटी दैनिक आदतों को बदलकर भी पर्यावरण संरक्षण में अपना बड़ा और महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने, जल संरक्षण करने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने और बिजली की बचत करने पर विशेष जोर दिया।
हर स्तर पर पर्यावरण जागरूकता है जरूरी
प्रधानाचार्य संतोख सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि जीवनशैली में उठाए गए ये सभी छोटे कदम मिलकर भविष्य में एक बड़ी क्रांति ला सकते हैं। हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, सुरक्षित और हरा-भरा पर्यावरण छोड़कर जाना हम सबकी सबसे बड़ी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे न केवल स्कूल के स्तर पर, बल्कि अपने घरों और समाज में भी इस पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाएं।
स्कूल की शिक्षिकाओं के अपार सहयोग और निरंतर मार्गदर्शन से यह कार्यक्रम पूरी तरह सफल रहा। यह आयोजन पर्यावरण जागरूकता को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने और विद्यार्थियों के बाल मन में प्रकृति प्रेम की भावना जगाने की दिशा में एक बेहद सराहनीय प्रयास साबित हुआ।






