जमशेदपुर (BJNN)।
नए साल 2026 के मौके पर टाटा स्टील के सेंटर फॉर एक्सीलेंस में एक सादे लेकिन गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर टाटा स्टील के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक टी. वी. नरेंद्रन ने वीपी कॉरपोरेट सर्विसेज डी. बी. सुंदर रामम और पूर्व डिप्टी एमडी डॉ. टी. मुखर्जी के साथ केक काटकर नववर्ष का स्वागत किया। समारोह में टाटा स्टील के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और प्रबंधन से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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कर्मचारियों को दी नववर्ष की शुभकामनाएं
केक-कटिंग समारोह के दौरान टी. वी. नरेंद्रन ने सभी कर्मचारियों को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं और उनके निरंतर योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मेहनत, अनुशासन और टीमवर्क की बदौलत टाटा स्टील लगातार वैश्विक और घरेलू चुनौतियों का सामना करते हुए आगे बढ़ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्ष 2026 कंपनी के लिए नई उपलब्धियां और नवाचार लेकर आएगा।
2025 में स्टील की कीमतें पांच साल के निचले स्तर पर
समारोह को संबोधित करते हुए नरेंद्रन ने कहा कि वर्ष 2025 में भारत में स्टील की कीमतें पिछले पांच वर्षों के सबसे निचले स्तर पर रहीं, जबकि देश में स्टील की मांग और आपूर्ति दोनों मजबूत बनी रहीं। उन्होंने बताया कि बीता वर्ष वैश्विक स्तर पर चुनौतीपूर्ण रहा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार स्थितियां लगातार जटिल होती चली गईं।
वैश्विक व्यापार और यूरोपीय परिचालन पर असर
नरेंद्रन ने कहा कि कई देश अपने बाजारों की सुरक्षा के लिए सीमा पार व्यापार पर सख्ती कर रहे हैं। एक वैश्विक उद्योग होने के नाते स्टील सेक्टर को इन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय घरेलू स्टील सेक्टर पर इसका खास असर नहीं पड़ा, लेकिन टाटा स्टील के यूरोपीय परिचालन पर प्रभाव पड़ा है, क्योंकि यूरोप और अमेरिका से स्टील निर्यात पर शुल्क लगाए गए।
चीन के स्टील निर्यात से अंतरराष्ट्रीय बाजार प्रभावित
उन्होंने बताया कि चीन की अर्थव्यवस्था, विशेषकर निर्माण क्षेत्र, अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाई। इसके बावजूद चीन लगातार दूसरे वर्ष भी वैश्विक बाजार में भारी मात्रा में स्टील का निर्यात करता रहा। नरेंद्रन के अनुसार, चीन ने 100 मिलियन टन से अधिक स्टील का निर्यात किया, जो लगभग भारत के कुल स्टील उत्पादन के बराबर है। इससे वैश्विक बाजार में अधिक आपूर्ति की स्थिति बनी और भारत के लिए स्टील निर्यात कठिन हो गया।
जमशेदपुर में विस्तार सीमित, वैल्यू एडिशन पर जोर
जमशेदपुर संयंत्र को लेकर नरेंद्रन ने कहा कि 11 मिलियन टन क्षमता और 1800 एकड़ क्षेत्रफल वाले इस प्लांट में विस्तार की सीमित संभावना है। हालांकि, यहां उत्पादों में वैल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 2000 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक कॉम्बी मिल, टिनप्लेट डिवीजन का विस्तार, कलिंगानगर संयंत्र की क्षमता 3 से 8 मिलियन टन तक बढ़ाना, मेरामंडली, नीलाचल और लुधियाना प्लांट जैसी परियोजनाएं प्रगति पर हैं।
भारत की अर्थव्यवस्था पर जताया भरोसा
देश की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए नरेंद्रन ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था और बाजार मजबूत हैं। भारत स्टील खपत के मामले में दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते देशों में शामिल है। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद देश और कंपनी दोनों को सतर्क रहते हुए आगे बढ़ना होगा।


