
जमशेदपुर : आधुनिक तकनीक और शिक्षा के बदलते स्वरूप पर गहन मंथन के लिए जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी के इग्नो (IGNOU) अध्ययन केंद्र में एक विशेष कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। गरिमामय वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ इग्नो की कोऑर्डिनेटर डॉ. त्रिपुरा झा द्वारा किया गया। उन्होंने कुलपति प्रोफेसर ईला कुमार का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया और कार्यशाला के मुख्य विषय से सभी को अवगत कराया। इसके बाद पारंपरिक प्रार्थना के साथ कार्यशाला के प्रथम सत्र की विधिवत शुरुआत हुई।
AI तकनीक के साथ मानवीय संवेदनाओं का संगम
कार्यशाला के प्रथम सत्र को संबोधित करते हुए कुलपति प्रोफेसर ईला कुमार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के तेजी से बढ़ते प्रभाव, उसकी वर्तमान उपयोगिता और शिक्षा के क्षेत्र में उसकी क्रांतिकारी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में AI केवल एक तकनीकी विकास और कोडिंग तक ही सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह अब मानवीय भावनाओं, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक पक्षों से भी गहराई से जुड़ता जा रहा है। तकनीक का वही रूप सार्थक है जो मानवीय संवेदनाओं के अनुकूल हो। उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें आधुनिक तकनीक का हमेशा सकारात्मक, रचनात्मक और पूरी जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षक शिक्षा में प्रतिमान परिवर्तन पर हुआ मंथन
कार्यशाला के तृतीय और चतुर्थ सत्र में रिसोर्स पर्सन के रूप में कोल्हान विश्वविद्यालय (चाईबासा) की डॉ. सुचित्रा बेहरा ने अपना महत्वपूर्ण व्याख्यान दिया। उन्होंने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से “शिक्षक शिक्षा में प्रतिमान परिवर्तन” (Paradigm Shift in Teacher Education) और “माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता संबंधी चुनौतियाँ” जैसे गंभीर व प्रासंगिक विषयों पर विस्तृत चर्चा की। डॉ. बेहरा ने शिक्षा व्यवस्था में आ रहे बदलावों और उन चुनौतियों से निपटने के आधुनिक तरीकों को बेहद सरल और प्रभावशाली ढंग से छात्राओं के सामने प्रस्तुत किया।
जिज्ञासा और उत्साह से भरा रहा संवाद सत्र
इस पूरे आयोजन के दौरान छात्राओं की सक्रिय और उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। डॉ. सुचित्रा बेहरा ने छात्राओं के साथ संवादात्मक शैली (Interactive Session) में बात करते हुए विषय के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षार्थियों के उत्साह को प्रेरित किया और उनकी तकनीकी तथा शैक्षणिक जिज्ञासाओं का सटीक समाधान भी किया। सभी सत्र बेहद ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी रहे, जिससे शिक्षार्थियों को एक नई शैक्षणिक दिशा मिली।
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इनके योगदान से सफल रहा प्रथम दिवस
इस ज्ञानवर्धक कार्यशाला को सफल, प्रभावी और सार्थक बनाने में मुख्य रूप से सहायक समन्वयक डॉ. विजेता कुमारी, संसाधन सेवी डॉ. अरुणिमा कुमारी, प्रभाकर राव, उपेंद्र शर्मा और शिक्षा संकाय के अन्य अध्यापकों की गरिमामयी उपस्थिति एवं महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंत में सभी की उपस्थिति में राष्ट्रगान के साथ कार्यशाला के प्रथम दिवस का सफलतापूर्वक समापन हुआ।



