जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कहा है कि ना सिर्फ शिक्षक दिवस के दिन बल्कि जब तक बच्चे शिक्षकों से पढ़ रहे हैं, उन्हें गुरुजनों का भरपूर आदर करना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से भी अपील की कि वो बच्चों से तारतम्य बना कर शिक्षण कार्य करें। इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बच्चों का पढ़ाई में मन लगेगा और वो कामयाबी की नई गाथा लिखेंगे।
शिक्षक दिवस के मौके पर वीणापाणि पाठशाला में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हर बच्चे के परिवार की एक अलग पृष्ठभूमि होती है। शिक्षक अगर उस पृष्ठभूमि को समझ कर बच्चों के साथ पेश आएंगे तो उनकी पढ़ाई का महत्व बढ़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जो शिक्षक बच्चों से घुलमिल जाते हैं, उनकी बातें बच्चों को ज्यादा समझ में आती है।
उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे की पहली गुरु मां, दूसरे गुरु पिता और तीसरे गुरु उसके शिक्षक होते हैं। ये तीनों दायित्व अत्यंत महान होते हैं। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि उनके पास जो भी ज्ञान है, वो बच्चों को दें क्योंकि ज्ञान बंटने से बढ़ता है, घटता नहीं।
सरयू राय ने कहा कि वीणापाणि पाठशाला को जल्द ही पूर्णकालिक विद्यालय के रुप में शुरु करने की योजना है। संभवतः अगले साल से यह पूर्णकालिक विद्यालय के रुप में चले। इस कार्य की जिम्मेदारी उन्होंने विकास विद्यालय के विकास सिंह को दी है।
इस मौके पर विद्यालय के विद्यार्थियों ने नृत्य, संगीत, अधिगम परिणाम का प्रदर्शन किया। नृत्य में मानवी, मधु, निकिता, अंकिता और सृष्टि ने भाग लिया तो गीत में आर. अमनी, तारा, खुशबू और पी. लीला ने भाग लिया। अधिगम परिणाम में वंशी और श्रुति की प्रस्तुति शानदार रही।
इस मौके पर स्वर्णरेखा क्षेत्र विकास ट्रस्ट के ट्रस्टी अशोक गोयल, युगांतर भारती के अध्यक्ष अंशुल शरण, शिक्षक गोपाल जी, पूजा, दीपिका, अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।


