
जमशेदपुर।

समाज के वंचित और दिव्यांग बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरते हुए ‘रोटरी क्लब ऑफ जमशेदपुर स्टील सिटी’ ने शहर के ‘दिव्यज्योति नेत्रहीन संस्थान स्कूल’ के दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के बीच 20 स्कूल बैग का वितरण किया। यह पुनीत सेवा कार्य रोटरी क्लब ऑफ जमशेदपुर स्टील सिटी और रोटरी क्लब ऑफ जमशेदपुर वेस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
शारीरिक बनावट और कपड़ों के रंग से हुई पहचान
इस कार्यक्रम का सबसे भावुक और अनोखा पहलू वह तरीका रहा, जिसके जरिए रोटरी सदस्यों ने बच्चों से अपना परिचय कराया। चूंकि ये मासूम बच्चे अपनी आंखों से नहीं देख सकते, इसलिए हॉल में मौजूद प्रत्येक सदस्य ने अपना नाम और क्लब बताने के साथ-साथ अपनी शारीरिक कद-काठी, आवाज और पहने हुए कपड़ों के रंगों का विस्तृत विवरण दिया। इसका मुख्य उद्देश्य यह था कि बच्चे अपनी मानसिक कल्पना के जरिए रोटरी सदस्यों की एक सजीव छवि अपने मन में उकेर सकें। सदस्यों का यह संवेदनशील प्रयास वहां मौजूद हर व्यक्ति का दिल छू गया।
सदस्यों ने बारीकी से समझी ब्रेल लिपि की दुनिया
बैग वितरण से पहले क्लब के सदस्यों ने दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के साथ लंबा समय बिताया और उनसे आत्मीय संवाद स्थापित किया। सदस्यों ने बच्चों की पढ़ाई के मुख्य आधार ‘ब्रेल लिपि’ (Braille Script) की कार्यप्रणाली को जाना और इसे सीखने में आने वाली रोजमर्रा की चुनौतियों को बारीकी से समझा। नया चमचमाता स्कूल बैग पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे।
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समाज को संवेदनशील बनाने की दिशा में एक कदम
इस गरिमामयी सेवा आयोजन में सहायक गवर्नर कुसुम ठाकुर और रोटरी क्लब ऑफ जमशेदपुर वेस्ट के अध्यक्ष अशोक झा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके मार्गदर्शन में जितेश चौधरी और कृष्ण कुमार खड़िया सहित अन्य सदस्यों ने अपने हाथों से बच्चों को बैग भेंट किए। कार्यक्रम के अंत में क्लब के पदाधिकारियों ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां समाज के सक्षम वर्ग को दिव्यांगों के प्रति संवेदनशील बनाने का काम करती हैं। नेत्रहीन बच्चों के बीच बिताए गए इस समय को सदस्यों ने जीवन की एक बड़ी सीख और प्रेरणादायी अनुभव बताया।



