
जमशेदपुर: जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय में शुक्रवार को शोधपत्र लेखन पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसमें छात्राओं को शोधपत्र लेखन की बारीकियों से अवगत कराया गया। कार्यशाला में IIAM, रांची की निदेशक डॉ. आरती महतो मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं।


कार्यक्रम का संचालन CBC की समन्वयक डॉ. अन्नापूर्णा झा के नेतृत्व में किया गया। डॉ. आरती महतो ने शोधपत्र तैयार करने के मूल सिद्धांत, शोध के उद्देश्य तय करने की प्रक्रिया, साहित्य समीक्षा (Literature Review), शोध पद्धति (Methodology), डेटा विश्लेषण और संदर्भ लेखन (Citation & Referencing) जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि गुणवत्तापूर्ण शोधपत्र न केवल अकादमिक कौशल को विकसित करता है बल्कि छात्राओं के करियर निर्माण में भी अहम भूमिका निभाता है।
डॉ. महतो ने छात्राओं को यह भी समझाया कि शोधपत्र लेखन में विषय चयन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और शोधकर्ता को अपने विषय से संबंधित विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी एकत्रित करनी चाहिए। उन्होंने छात्राओं को प्लेगरिज़्म से बचने की तकनीकें और शोध आधारित लेखन में नैतिक मानकों का पालन करने पर भी जोर दिया।
कार्यशाला में विश्वविद्यालय के कई वरीय शिक्षाविद भी उपस्थित थे। वाणिज्य संकाय की संकायाध्यक्ष डॉ. दीपा शरण, डॉ. रूपाली पात्रा, डॉ. माधुरी प्रियदर्शनी, डॉ. सरिता कुमारी, डॉ. विश्वराज लाल, डॉ. ममता कुमारी, और अन्य शिक्षकों ने शोधपत्र लेखन से जुड़े अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक अधिकारी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
इस कार्यशाला में विज्ञान की विभिन्न शाखाओं से जुड़ी सैकड़ों छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। छात्राओं ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम उनके शोध कौशल को विकसित करने में बेहद सहायक सिद्ध होते हैं। कार्यशाला के अंत में छात्राओं ने प्रश्नोत्तर सत्र में अपनी जिज्ञासाओं को भी साझा किया, जिनका समाधान विशेषज्ञों ने सरल और व्यावहारिक ढंग से किया।


