
जमशेदपुर।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत पूर्वी सिंहभूम जिले के बोडाम एवं पटमदा प्रखंड अंतर्गत पंचायत और ग्राम स्तर पर चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बोडाम प्रखंड एवं पटमदा प्रखंड कांग्रेस कमिटी के तत्वावधान में, प्रखंड अध्यक्ष शिशुलाल महतो की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।


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कांग्रेस नेतृत्व का आह्वान
इस कार्यक्रम का आयोजन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष महतो कमलेश एवं जिला पर्यवेक्षक बलजीत सिंह बेदी के आह्वान पर किया गया। चौपाल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा को पुनः उसके मूल स्वरूप में बहाल कराने के लिए मजदूरों और ग्रामीणों को जागरूक करना था।
मुख्य अतिथि ने उठाए केंद्र सरकार पर सवाल
चौपाल कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में Parvinder Singh (जिला अध्यक्ष) एवं वरिष्ठ अतिथि के रूप में Khagen Chandra Mahato (प्रखंड पर्यवेक्षक) उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि परविंदर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 (मनरेगा) को कमजोर कर उसके मूल स्वरूप को ही बदल दिया है। इससे ग्रामीण मजदूरों के रोजगार पर सीधा असर पड़ा है।
केंद्र–राज्य फंडिंग पर सवाल
परविंदर सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय मनरेगा में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी लगभग 90 प्रतिशत हुआ करती थी, जिससे राज्यों को योजनाओं के संचालन में सहूलियत मिलती थी। लेकिन वर्तमान मोदी सरकार ने केंद्र का अंश घटाकर 60 प्रतिशत कर दिया है और राज्य सरकारों पर 40 प्रतिशत का बोझ डाल दिया है। इसका सीधा नुकसान मजदूरों को हो रहा है, क्योंकि कई जगहों पर काम और भुगतान दोनों प्रभावित हुए हैं।
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पंचायत स्तर तक आंदोलन
उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस पार्टी ने यह संकल्प लिया है कि वह पंचायत और गांव-गांव तक पहुंचकर मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई लड़ेगी। मनरेगा को उसके मूल रूप में बहाल कराना पार्टी की प्राथमिकता है। यह संग्राम अब सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पंचायत-पंचायत में गूंजेगा।
ग्रामीणों और मजदूरों की भागीदारी
चौपाल कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, मजदूर और पंचायत प्रतिनिधि शामिल हुए। ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं साझा कीं और मनरेगा से जुड़े लाभों की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के दौरान लोगों में इस मुद्दे को लेकर जागरूकता और उत्साह देखा गया।
संगठित संघर्ष का संदेश
कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस नेताओं ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने हक और अधिकारों के लिए एकजुट रहें। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भरोसा दिलाया कि मनरेगा को मजबूत करने और मजदूरों को उनका अधिकार दिलाने की लड़ाई लगातार जारी रहेगी।


