
रजरप्पा में संपन्न हुआ प्रलेस का पाँचवाँ राज्य सम्मेलन
रामगढ़/जमशेदपुर: प्रगतिशील लेखक संघ (प्रलेस), झारखंड का पाँचवाँ दो दिवसीय राज्य सम्मेलन (25-26 जुलाई, 2026) रजरप्पा (रामगढ़) में सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। सम्मेलन में प्रलेस के राष्ट्रीय महासचिव सुखदेव सिंह सिरसा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान संगठन के आगामी कार्यक्रमों, साहित्यिक-सांस्कृतिक हस्तक्षेपों और संगठन विस्तार पर विस्तृत चर्चा की गई। सम्मेलन का मुख्य आकर्षण नई राज्य कार्यकारिणी का चुनाव रहा, जिसमें प्रगतिशील और जनपक्षधर सरोकारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।


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जमशेदपुर इकाई की रही ऐतिहासिक भागीदारी
इस राज्य सम्मेलन में प्रगतिशील लेखक संघ, जमशेदपुर इकाई की सहभागिता बेहद खास और प्रभावकारी रही। जमशेदपुर से 10 प्रतिनिधियों के दल ने सम्मेलन में हिस्सा लिया। इसमें अहमद बद्र, नियाज़ अख़्तर, शशि कुमार, प्रशांत, अर्पिता, संजय सोलोमन, पार्थो बनर्जी, अंकिता, विकास और बारी टुडू जैसे वरिष्ठ एवं युवा साथी शामिल थे। इस संयुक्त भागीदारी ने राज्य स्तर पर जमशेदपुर की सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई।
नई राज्य कार्यकारिणी संरक्षक मंडल में ज़करिया, जयनंदन और शशि कुमार
सम्मेलन के दौरान सर्वसम्मति से गठित प्रलेस झारखंड की नई राज्य कार्यकारिणी में जमशेदपुर के साथियों को महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ मिली हैं
संरक्षक मंडल: डॉ. मोहम्मद ज़करिया, वरिष्ठ कथाकार जयनंदन, शशि कुमार और प्रो. रामानंद।
अध्यक्ष मंडल: प्रो. अहमद बद्र (पूर्ववत), महादेव टोप्पो, बी.एन. ओहदार और निशी प्रभा।
कार्यकारी अध्यक्ष: रणेन्द्र।
उपाध्यक्ष मंडल: विनय कुमार, डॉ. के.के. लाल और सुधीर साहू।
महासचिव व उपमहासचिव: मिथिलेश (महासचिव) तथा शेखर मलिक (उपमहासचिव)।
सचिव मंडल: कृपाशंकर, नियाज़ अख़्तर और संजय सोलोमन।
कार्यकारिणी सदस्य: राकेश मिश्रा, अख़्तर आज़ाद, प्रशांत, अर्पिता और पार्थो बनर्जी।
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राज्य में साहित्यिक केंद्र के रूप में उभरा जमशेदपुर
नई कार्यकारिणी में जमशेदपुर इकाई को मिला व्यापक प्रतिनिधित्व इस बात का प्रमाण है कि झारखंड में संगठनात्मक और साहित्यिक गतिविधियों का केंद्र अब जमशेदपुर बन चुका है। प्रतिनिधियों की सक्रियता से स्पष्ट है कि आने वाले समय में जनपक्षधर साहित्य और सांस्कृतिक सरोकारों को नई दिशा और गति मिलेगी।



