ANNI AMRITA
जमशेदपुर.
जमशेदपुर के युवा साहित्यिक माहौल के आयाम को विस्तृत करने में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं. उसी कड़ी में ‘निनाद’ की स्थापना पिछले साल हुई, जिसने अपने कार्यक्रमों से शहरवासियों के दिल में अपनी अमिट छाप छोड़ी है. पिछले दिनों ‘निनाद’ ने रीगल रीड्स के पहले संस्करण की शुरुआत की जिसमें कविताओं और स्टोरी टेलिंग की खूबसूरत महफिल सजी, जो चर्चा का विषय बनी. शुक्रवार को रीगल रीडिंग के दूसरे संस्करण का आगाज हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी डायरी के पन्ने खोलकर बेझिझक होकर कविताएं सुनाईं. वहीं कुछ लोगों ने स्टोरी टेलिंग से समां बांध दिया. कविता, कहानी, संगीत और बुक रीडिंग से सजी इस शाम ने यह दर्शा दिया कि जमशेदपुर में साहित्य की धारा नई पीढ़ी भी आगे बढ़ाती रहेगी.
कहानी की प्रस्तुति में पूनम महानंद और रिया ने दर्शकों को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया. प्रस्तुतीकरण कुछ ऐसी रही कि लोग कल्पना में खो गए.
कविता के माध्यम से आलोक कुमार, निशांत सिंह, डॉ. चिन्मय बनर्जी, क्षमाश्री, आलोक तिवारी और शुभम पांडेय ने अपने शब्दों से गहरी छाप छोड़ी. वहीं श्रेयान लाहा ने बुक रीडिंग से साहित्यिक रस घोला.
संगीत की प्रस्तुति रिया साहा ने दी, जबकि डार्क वॉइस ने बीटबॉक्सिंग से माहौल को ऊर्जावान बना दिया. हिमांशु ने कीबोर्ड पर सुरों का जादू बिखेरा. कार्यक्रम का संचालन जय कुमार शाही ने बेहद रोचक और मजाकिया अंदाज में किया.
इस शाम में उमड़ी दर्शकों की भीड़ ने यह स्पष्ट कर दिया कि शहर में कला और साहित्य से प्रेम करने वालों की कमी नहीं है. खास बात यह रही कि जमशेदपुर के प्रसिद्ध आरजे मनोज और आरजे राज भी दर्शक बनकर कार्यक्रम को समर्थन देने पहुंचे. साथ ही शहर की जानी-मानी पत्रकार अन्नी अमृता ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए सभी कलाकारों का उत्साहवर्धन किया. दर्शकों ने कार्यक्रम को बेहद सराहा और इसे एक सफल आयोजन बताया.
निनाद की संस्थापक पूनम महानंद और सह-संस्थापक निशांत सिंह ने बताया कि ‘निनाद’ का उद्देश्य छिपी हुई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और जमशेदपुर के लोगों को कुछ नया और सार्थक अनुभव देना है. उन्होंने आगे भी ऐसे आयोजनों को जारी रखने की बात कही. कार्यक्रम देखने पहुंचे दर्शकों ने कार्यक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि
“Regal Reads” ने एक बार फिर साबित किया कि कला, संगीत और साहित्य लोगों को जोड़ने की सबसे खूबसूरत कड़ी है.







