
जमशेदपुरष

जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय (Jamshedpur Women’s University) की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई की ओर से मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध एक वृहद जागरूकता अभियान चलाया गया। यह महत्वपूर्ण अभियान झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए कड़े दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्राओं के बीच नशाखोरी के दुष्परिणामों को लेकर जनचेतना जगाना है।
ऑनलाइन पोर्टल पर छात्राओं ने लिया दृढ़ संकल्प
इस जन-जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) इला कुमार के कुशल मार्गदर्शन में किया गया। बदलते डिजिटल युग के अनुरूप एनएसएस की छात्राओं ने तकनीक का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए ऑनलाइन माध्यम से एक भव्य शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम के दौरान भारी संख्या में स्वयंसेविकाओं ने भारत सरकार के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर मादक पदार्थों का सेवन न करने और समाज को इसके खिलाफ जागरूक करने की औपचारिक शपथ ली। छात्राओं ने एक स्वर में ‘नशा मुक्त भारत’ के निर्माण का संकल्प दोहराया।
युवा वर्ग को जागरूक करना ही मुख्य उद्देश्य
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से संदेश दिया गया कि वर्तमान समय में तेजी से पनपती नशाखोरी की प्रवृत्ति युवाओं के भविष्य और मानसिक स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा खतरा है। ऐसे में उच्च शिक्षण संस्थानों की यह नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वे छात्रों को इस अंधकार से दूर रखने के लिए लगातार काउंसलिंग और जागरूकता ड्राइव चलाएं। छात्राओं द्वारा ली गई यह शपथ केवल एक रस्म नहीं, बल्कि समाज में बदलाव लाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
READ MORE :JAMSHEDPUR NEWS: सांसद बिद्युत बरण महतो के जनता दरबार में उमड़ी भीड़, बिजली-पानी और पेंशन की शिकायतों पर अधिकारियों को अल्टीमेटम
अधिकारियों और स्वयंसेविकाओं की रही सराहनीय भूमिका
इस पूरे जागरूकता अभियान को सुव्यवस्थित और सफल बनाने में विश्वविद्यालय के एनएसएस विभाग की सक्रिय भूमिका रही। एनएसएस कोऑर्डिनेटर डॉ. ग्लोरिया पूर्ती के साथ-साथ एनएसएस ऑफिसर डॉ. सुनीता कुमारी और डॉ. डी. पुष्प लता ने कार्यक्रम का सफल समन्वय किया। इसके अलावा विभिन्न विभागों की एनएसएस स्वयंसेविकाओं ने ऑनलाइन कैंपेन को सफल बनाने में अपना शत-प्रतिशत योगदान दिया।


