फेेम फ्यूचर कलेक्टिव के नेतृत्व में कोरु फाउंडेशन, ह्यूमन्स ऑफ जमशेदपुर और SIGMA-oikos की पहल
जमशेदपुर.
28मई को मासिक धर्म स्वच्छता दिवस है,इसके साथ ही महिला स्वास्थ्य के लिए अंतर्राष्ट्रीय कार्रवाई दिवस भी है.इसी को ध्यान में रखते हुए फेम फ्यूचर कलेेेक्टिव(महिलाओं के यौन व प्रजनन स्वास्थ्य के लिए कार्यरत संगठन)के नेतृत्व में ह्यूमन्स ऑफ जमशेदपुर और कोरु फाउंडेशन उस दिन शाम को साढे पांच बजे से संयुक्त रुप से ‘पीरियड्स और परिवर्तन–एक परिचर्चा’ का आयोजन जेआरडी काॅम्पलेक्स के जेएफसी लाउंज में करने जा रहे हैं.कार्यक्रम का मकसद पीरियड्स पर चुप्पी को तोड़ना और समाज में बदलाव लाना है.
इस कार्यक्रम में झारखंड के ग्रामीण इलाकों में पीरियड शिक्षा पर कार्य कर रहे विशेषज्ञों के बीच एक पैनल डिस्कशन होगा.साथ ही आर्ट वर्कशाॅप,क्विज व वीडियो डिस्कशन के माध्यम से जागरुकता फैलाई जाएगी.
कार्यक्रम के संबंध में बातचीत करते हुए फेम फ्यूचर कलेक्टिव की संस्थापक सह मासिक धर्म स्वास्थ्य एडुकेटर नीतीशा ने कहा कि आज भी बड़ी संख्या में लड़कियां
पीरियड्स को लेकर शर्म,संकोच और भ्रांति की शिकार हैं, जबकि यह एक सामान्य बायोलाॅजिकल प्रक्रिया है.यह कार्यक्रम उस भ्रांंति व संकोच को तोड़ने की दिशा में एक कदम है जिससे सही मायनो में समाज में जेंडर इक्वालिटी (लैंगिक समानता) लाई जा सकती है.
कोरु फाउंडेशन की संस्थापक गरिमा का कहना है कि मासिक धर्म स्वास्थ्य और पर्यावरणीय स्वास्थ्य, यह दोनों ही आपस में जुड़े हुए हैं.कार्यक्रम का आयोजन एक कोशिश है कि ऐसा माहौल बनें जहां शिक्षा और समानुभूति एक साथ फले-फूले.
इस कार्यक्रम को उपरोक्त संगठन
फेम फ्यूचर कलेक्टिव और कोरु फाउंडेशन, ह्यूमन्स ऑफ जमशेदपुर और सिग्मा ओएकाॅस (Sigma-iokos)के सहयोग से आयोजित कर रहे हैं.
https://biharjharkhandnewsnetwork.com/adityapur-news-nit-dream-city-we-do-not-sell-the-reality-book-up-and-do-not-take-your-dream-home/





