जमशेदपुर.
जमशेदपुर को इंडस्ट्रीयल टाउन घोषित किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 19मई को सुनवाई हुई जिसके बाद झारखण्ड सरकार और टाट् स्टील-जुस्को को नोटिस जारी किया गया है.यह याचिका मानवाधिकार कार्यकर्ता जवाहरलाल शर्मा ने अधिवक्ता प्रशांत भूषण के माध्यम से दायर की है.इस मामले की अगली सुनवाई अब जुलाई में होगी.जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटेश्वर सिंह की अदालत ने उक्त नोटिस जारी करते हुए झारखंड सरकार और टाटा स्टील-जुस्को को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.
जवाहरलाल शर्मा की तरफ से दायर याचिका में झारखंड सरकार के दिसंबर 2023 के आदेश को चुनौती दी गई है जिसमें जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमेटी की 15,460 एकड़ जमीन (टाटा स्टील फैक्ट्री क्षेत्र व काॅलोनी व अन्य क्षेत्र) को औद्योगिक शहर घोषित किया गया है.जवाहरलाल शर्मा ने इसके खिलाफ याचिका दायर कर संविधान के अनुच्छेद 243 के अंतर्गत नगर निगम बनाने का आदेश देने का आग्रह किया है.याचिकाकर्ता ने लिखा है कि झारखंड म्यूनिसिपैलिटी एक्ट 2011 संविधान के अनुकूल नहीं है.पूरे जमशेदपुर को औद्योगिक शहर बनाने से जनता तीसरे मताधिकार से वंचित रह जाएगी.
बता दें कि तीसरे मताधिकार की मांग को लेकर 1988में जवाहरलाल शर्मा ने याचिका दायर की थी जिसके बाद 1989में ही सुप्रीम कोर्ट ने नगर निगम बनाने के आदेश दे दिए थे.इस संबंध में अधिसूचना भी जारी हो गई थी,लेकिन टाटा स्टील अपील में चली गई थी.सालों से मामला लंबित है.इसी बीच आनन फानन में जमशेदपुर इंडस्ट्रीयल टाउन बनाने की कवायद शुरु हो गई जिसके खिलाफ जवाहरलाल शर्मा ने याचिका दाखिल कर दी.





