जमशेदपुर । टाटा समूह के संस्थापक Jamsetji Tata की 187वीं जयंती के अवसर पर फाउंडर्स डे पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर के विभिन्न हिस्सों में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। फाउंडर्स डे के मौके पर समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले दो व्यक्तित्व—झारखंड के ‘पैडमैन’ के नाम से प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता तरुण कुमार और केरूआडूंगरी पंचायत के मुखिया कान्हु मुर्मू—को अलंकार अवार्ड से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान Tata Motors के सीएसआर विभाग की ओर से प्रदान किया गया, जिसने उनके सामाजिक कार्यों और ग्रामीण विकास में योगदान को सराहा।
टेल्को रिक्रिएशन क्लब में भव्य समारोह
फाउंडर्स डे की शाम टेल्को रिक्रिएशन क्लब में आयोजित एक भव्य समारोह में टाटा मोटर्स के प्लांट हेड अनुराग छारिया ने दोनों सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया। इस दौरान कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारी और शहर के प्रमुख लोग भी उपस्थित रहे।
समारोह में दोनों को समाज के लिए किए जा रहे प्रेरक कार्यों के लिए सम्मानित करते हुए कहा गया कि ऐसे लोग समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक होते हैं और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनते हैं।
कंपनी परिसर में भी हुई सराहना
सुबह कंपनी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में भी तरुण कुमार और कान्हु मुर्मू को आमंत्रित किया गया। यहां वरिष्ठ अधिकारियों के सामने उनके सामाजिक कार्यों और ग्रामीण विकास से जुड़े प्रयासों पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने दोनों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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16 वर्षों से समाज सेवा में जुटे तरुण कुमार
तरुण कुमार सामाजिक संस्था निश्चय फाउंडेशन के संस्थापक हैं और पिछले 16 वर्षों से झारखंड के सुदूर गांवों में बच्चों और महिलाओं के जीवन में बदलाव लाने के लिए काम कर रहे हैं।
उन्हें विशेष रूप से माहवारी स्वच्छता, जेंडर समानता, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अभियानों के लिए जाना जाता है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता और सामाजिक परिवर्तन के कई अभियान सफलतापूर्वक चलाए हैं, जिसके कारण उन्हें झारखंड का “पैडमैन” भी कहा जाता है।
आदर्श पंचायत बनाने में जुटे कान्हु मुर्मू
केरूआडूंगरी पंचायत के मुखिया कान्हु मुर्मू पूर्वी सिंहभूम मुखिया संघ के अध्यक्ष भी हैं। उनके नेतृत्व में आदिवासी बहुल यह पंचायत तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रही है।
बेहतर जनसंपर्क, दूरदृष्टि और निरंतर मेहनत के कारण पंचायत कई विकासात्मक कार्यों में आगे बढ़ी है। इसके अलावा कान्हु मुर्मू ग्राम सभा को मजबूत बनाने के लिए पेसा कानून के प्रशिक्षक के रूप में कोल्हान क्षेत्र में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
समाज निर्माण के लिए चुना अलग रास्ता
तरुण कुमार और कान्हु मुर्मू दोनों के व्यक्तित्व में एक समानता यह भी है कि उन्होंने आर्थिक सुरक्षा देने वाली सरकारी नौकरी के बजाय समाज निर्माण की चुनौतीपूर्ण राह चुनी। वर्षों से वे गांवों के विकास और सामाजिक बदलाव के लिए निरंतर काम कर रहे हैं।
फाउंडर्स डे के अवसर पर मिला यह सम्मान उनके कार्यों की सराहना के साथ-साथ समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का भी प्रतीक माना जा रहा है।




