जमशेदपुर । गोलमुरी क्षेत्र स्थित न्यू केबुल टाउन में पिछले नौ दिनों से चल रहा लक्ष्मीनारायण महायज्ञ शुक्रवार को पूरे वैदिक विधि-विधान, पूर्णाहुति और एक ऐतिहासिक विशाल महाभंडारे के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। परमश्रद्धेय गुरुदेव जय मंगला बाबा के सानिध्य में आयोजित इस भव्य महायज्ञ के अंतिम दिन आयोजन स्थल पर श्रद्धा, भक्ति और सेवा का एक अद्भुत संगम देखने को मिला।
वैदिक मंत्रोच्चार और जयघोष के बीच संपन्न हुई यज्ञ की पूर्णाहुति
महायज्ञ के अंतिम दिन प्रातः काल से ही यज्ञशाला में श्रद्धालुओं और भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान पूरा गोलमुरी क्षेत्र वैदिक मंत्रोच्चार और जयघोष से भक्तिमय बना रहा। पंचकुंडीय यज्ञशाला में बनारस (वाराणसी) से पधारे यज्ञाचार्य पंडित लाल मोहन शास्त्री के नेतृत्व में 21 सदस्यीय आचार्यों की टोली ने अत्यंत ही विधिपूर्वक और शास्त्र सम्मत तरीके से अनुष्ठान संपन्न कराया। वैदिक परंपरा के अनुरूप गुरुदेव जय मंगला बाबा के करकमलों से यज्ञ की अंतिम पूर्णाहुति संपन्न हुई, जिसके पश्चात विधिवत रूप से देवी-देवताओं का विसर्जन किया गया।
15 हजार से अधिक लोगों ने छका महाभोग, पर्यावरण का रखा गया विशेष ध्यान
यज्ञ की पूर्णाहुति के पश्चात आयोजन स्थल से सटे बड़े मैदान में एक विशाल महाभंडारे का आयोजन किया गया था। दोपहर 2 बजे से शुरू होकर देर रात तक चले इस भंडारे में 15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ महाप्रसाद ग्रहण किया। भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आयोजन समिति द्वारा उत्कृष्ट प्रबंध किए गए थे। प्रसाद वितरण के लिए 10 काउंटर और शीतल पेयजल के लिए 5 अलग काउंटर लगाए गए थे। इसके साथ ही महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई थी। महाभंडारे में श्रद्धालुओं को पूरी, सब्जी, खीर, चटनी, पुलाव और दाल का स्वादिष्ट महाभोग परोसा गया। आयोजन समिति ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता दिखाते हुए प्रसाद वितरण के लिए केवल कागज की प्लेट और ग्लास का उपयोग किया। भंडारे के दौरान सामाजिक समरसता, सेवा भावना और कड़ा अनुशासन देखने को मिला। संध्याकाल में कथा स्थल पर स्थानीय कलाकारों द्वारा भक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी गई, जिसका श्रद्धालुओं ने देर रात तक आनंद उठाया।
रामार्चा पूजा के साथ समापन, सक्रिय सदस्यों को किया गया सम्मानित
शनिवार को यज्ञशाला में विधिवत रूप से रामार्चा पूजन सम्पन्न हुआ। इसके पश्चात, समिति की ओर से अपनी सक्रिय सहभागिता से इस नौ दिवसीय आयोजन को सफल बनाने वाले सभी सदस्यों को स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया और उनका आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर आयोजन समिति के मुख्य संयोजक अनिल ठाकुर ने कहा कि नौ दिवसीय इस महायज्ञ में महाभंडारे का आयोजन सबसे बड़ी जिम्मेदारी थी, जो श्रद्धालुओं के अपार सहयोग और प्रभु कृपा से निर्विघ्न संपन्न हुई। उन्होंने सभी केबुल वासियों और सहयोगियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं के चेहरों पर दिखने वाली संतुष्टि और ऊर्जा ही इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता है।
आयोजन को सफल बनाने में इन सदस्यों का रहा अहम योगदान
इस पूरे आयोजन के दौरान लक्ष्मीनारायण महायज्ञ समिति के मुख्य संयोजक अनिल ठाकुर, संयोजक शिवशंकर सिंह, बिपिन झा, बिट्टू तिवारी, जम्मू वाले बाबा, नीरज सिंह, शैलेश पांडेय, राजेश सिंह, संजय सिंह, हरेराम यादव, प्रेम झा, लाल बाबू यादव, पंकज वर्मा, सन्नी सिंह चौहान, पप्पू यादव, गोपाल शर्मा, आदित्य ओझा, कृष्णा कुमार, अवनीश सिंह चिंटू, बब्बू तिवारी, महेश शर्मा, अवधेश सिंह, सत्येंद्रनाथ सिंह, अजय तिवारी, निशांत सिन्हा, नीरज मिश्रा, देबाशीष झा, अनिल सिंह, त्रिभुवन प्रसाद सिंह, निखिल सिंह, सुरेश दास और सोनू समेत समिति के सभी महिला एवं पुरुष स्वयंसेवकों का अत्यंत सराहनीय और सक्रिय योगदान रहा।




