
जमशेदपुर। झारखण्ड में सर्व सेफ फूड प्रोजेक्ट का भौगोलिक विस्तार करते हुए, नेस्ले इंडिया ने एफडीए,
झारखण्ड तथा नेशनल एसोसिएशन ऑफ़ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ़ इंडिया (एनएएसवीआई) के साथ सहयोग किया है।
इस सहयोग के तहत जमशेदपुर, धनबाद, हजारीबाग, देवघर और चास बोकारो में 1500 से अधिक स्ट्रीट फूड
वेंडर्स को खाद्य सुरक्षा और हाईजीन पर प्रशिक्षित करना है। इस संबंध में नेस्ले इंडिया के कॉर्पाेरेट अफेयर्स और
सस्टेनेबिलिटी हेड संजय खजूरिया ने कहा कि नेस्ले इंडिया में हम लोग अपने उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा के
अलावा भारत में खाद्य सुरक्षा का वातावरण बेहतर बनाने के लिए वचनबद्ध हैं। प्रोजेक्ट ‘सर्व सेफ फूड’ हाईजीन
और खाद्य सुरक्षा की पद्धतियों पर प्रासंगिक प्रशिक्षण के माध्यम से स्ट्रीट फूड वेंडर्स का कौशल निखारकर उन्हें
सशक्त करता है।
इससे खाद्य सुरक्षा और हाईजीन के लिए मानदंड उन्नत करने के महत्व पर उनकी जागरूकता बढ़ाने में मदद
मिलती है।
एनएएसवीआई के नेशनल को-ऑर्डिनेटर अरविन्द सिंह ने कहा कि हम पूरे भारत में स्ट्रीट फूड वेंडर्स को फूड
हाईजीन एवं सुरक्षा पर प्रशिक्षण देकर सशक्त बनाना चाहते हैं ताकि उन्हें नौकरी के महत्वपूर्ण अवसर मिल सकें।
प्रोजेक्ट ‘सर्व सेफ फूड’ से देश भर में कई हज़ार स्ट्रीट फूड वेंडर्स को मदद मिली है और झारखण्ड में इस प्रोजेक्ट
के विस्तार के साथ हमें इस राज्य में और अधिक स्ट्रीट फूड वेंडर्स की आजीविका में सुधार होने की आशा है।
मालूम हो कि वर्ष 2022 में झारखण्ड के रांची, धनबाद, जमशेदपुर और पश्चिम सिंहभूम जिलों में 1000 से अधिक
स्ट्रीट फूड वेंडर्स को प्रशिक्षित किया गया था। वर्ष 2016 में अपनी शुरुआत के बाद से प्रोजेक्ट ‘सर्व सेफ फ़ूड’ से
25 राज्यों/संघीय क्षेत्रों में 41,000 से अधिक स्ट्रीट फूड वेंडर्स को लाभ पहुँचा है। इस दौरान फूड वेंडर्स के बीच
हाईजीन, भोजन के सुरक्षित प्रबंधन और अपशिष्ट के निपटान के बारे में जागरूकता पैदा की गई। इस प्रोजेक्ट के
तहत कोविड-19 से सम्बंधित सुरक्षा उपायों और महामारी के बाद की स्थिति में डिजिटल भुगतान पर एक मॉड्यूल
भी तैयार किया गया है।


