
जमशेदपुर। झारखंड सरकार की मेघा दूध डेयरी का मानगो क्षेत्र के बालीगुमा सुखना बस्ती में प्रस्तावित 50 टीएलपीडी प्रोसेसिंग प्लांट अब वहां नहीं बनेगा। राज्य सरकार ने इस संयंत्र को सरायकेला-खरसावां जिले के तितिरबिला ग्राम में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को हुई झारखंड सरकार की कैबिनेट बैठक में इस स्थानांतरण पर अंतिम मुहर लगा दी गई।


इस फैसले के बाद मानगो क्षेत्र, विशेषकर बालीगुमा सुखना बस्ती के ग्रामीणों में भारी निराशा और आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि एक दशक से अधिक समय से वे इस डेयरी संयंत्र के जरिए रोजगार और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास का सपना संजोए हुए थे, जो अब टूट गया।
ग्रामीणों के बीच पहुंचे विकास सिंह
संयंत्र स्थानांतरण की खबर मिलते ही भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह सुखना बस्ती पहुंचे और ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी पीड़ा जानी। उन्होंने कहा कि यह फैसला पूरे मानगो क्षेत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। पहले से ही मानगो में रोजगार के साधन सीमित हैं और अब जो उम्मीद जगी थी, वह भी खत्म हो गई।
विकास सिंह ने बताया कि लगभग दस वर्ष पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा और फिर 7 मार्च 2024 को तत्कालीन मुख्यमंत्री चंपई सोरेन द्वारा सुखना बस्ती में मेघा डेयरी संयंत्र का भूमि पूजन किया गया था। दो-दो बार मुख्यमंत्री द्वारा भूमि पूजन किए जाने से स्थानीय लोगों में रोजगार और विकास की मजबूत आस जगी थी।
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स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर अनदेखी का आरोप
विकास सिंह ने आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक और सांसद की उदासीनता के कारण यह परियोजना मानगो से छिन गई। उन्होंने कहा कि जनवरी 2024 में भूमि पूजन के समय ही इस परियोजना को सरायकेला ले जाने की मंशा बना ली गई थी और बाद में नियम-कानून का हवाला देकर संयंत्र को तितिरबिला ग्राम स्थानांतरित कर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि जहां यह संयंत्र प्रस्तावित था, वह एक खुला मैदान था, जहां खेलकूद, व्यायाम और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते थे। प्लांट लगाने का सपना दिखाकर उस मैदान की घेराबंदी कर दी गई, लेकिन अब न प्लांट रहा और न ही मैदान का उपयोग।
सांसद-विधायक से आगे आने की मांग
विकास सिंह ने मांग की कि क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिए स्थानीय विधायक और सांसद को आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को सदन में उठाकर मेघा डेयरी संयंत्र को पूर्व में प्रस्तावित स्थान मानगो के बालीगुमा सुखना बस्ती में ही स्थापित कराने का प्रयास होना चाहिए।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
इस मौके पर विकास सिंह के साथ डी. मिश्र, बांकीम महतो, असीम महतो, कामेश्वर महतो, षष्ठी महतो, इंद्रजीत महतो, संजय महतो, कमलेश तिवारी, नगेन्द्र महतो, काली कर्मकार, शिव प्रसाद, लालू महतो, प्रमोद मिश्रा, रंजीत महतो, दीपक सिंह, रविंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।


