
जमशेदपुर: झारखंड मुक्ति मोर्चा के केन्द्रीय प्रवक्ता सह पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है। प्रधानमंत्री एक तरफ देश की आम जनता से पेट्रोल-डीजल बचाने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने, वर्क फ्रॉम होम करने और विदेश यात्रा से बचने की अपील करते हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके ही नेता और खुद प्रधानमंत्री इसका खुलेआम मखौल उड़ाते हैं।
जमशेदपुर में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कुणाल षाडंगी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधा। केंद्र सरकार और भाजपा को आईना दिखाने के लिए कुणाल षाडंगी समेत झामुमो के सभी वरीय नेता आज साइकिल चलाकर प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थल तक पहुंचे।
‘चुनावी तेल नीति’ पर घेरा, कंपनियों को मुनाफा जनता को मार
कुणाल षाडंगी ने भाजपा की तेल नीति को ‘चुनावी तेल नीति’ करार दिया। उन्होंने याद दिलाया कि 2022 में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल 115 डॉलर प्रति बैरल था, तब 137 दिनों तक देश की जनता पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों की मार झेलती रही। जब कच्चे तेल की कीमत गिरकर 75-80 डॉलर पर आ गई, तब भी देश की जनता को कोई राहत नहीं दी गई बल्कि तेल कंपनियों ने 81 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का मुनाफा कमाया। लेकिन जैसे ही लोकसभा चुनाव करीब आए, वोट बटोरने के लिए मात्र 2 रुपये की कटौती कर दी गई।
कथनी और करनी में अंतर: जनता को ज्ञान, खुद 5 देशों की यात्रा पर पीएम
झामुमो प्रवक्ता ने कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि पीएम ने जनता से एक साल तक विदेश यात्रा न करने और सोना न खरीदने का ‘त्याग’ करने की अपील की है। लेकिन इस अपील के तुरंत बाद प्रधानमंत्री खुद 5 देशों की विदेश यात्रा पर निकल गए हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब कोविड के दौरान देश और दुनिया की अहम बैठकें ऑनलाइन (वर्चुअल) हो सकती हैं, तो अब वीवीआईपी दौरों में पेट्रोल-डीजल की बर्बादी क्यों की जा रही है? मध्य प्रदेश में भाजपा नेता 700 गाड़ियों के काफिले के साथ चलते हैं, एक अन्य विधायक 200 गाड़ियों के काफिले के साथ चलते हैं और पीएम के रोड शो में हजारों गाड़ियां होती हैं। अगर प्रधानमंत्री वास्तव में देश का भला चाहते हैं, तो उन्हें सबसे पहले भाजपा नेताओं को लिखित आदेश देना चाहिए कि वे बड़े काफिलों में न चलें और शादियों में सोने का लेन-देन न करें।
20 लाख छात्रों के भविष्य से खिलवाड़: नीट पेपर लीक पर चुप्पी
कुणाल षाडंगी ने नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पिछले 12 सालों में 100 से अधिक बार पेपर लीक हुए हैं और 50 बार पुनर-परीक्षाएं (Re-exams) करानी पड़ी हैं। 20 लाख से ज्यादा छात्रों का भविष्य अंधकार में है, लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस गंभीर मुद्दे पर मीडिया के सामने आकर जवाब देने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
पोस्टर के जरिए तंज: ‘GDP का मतलब- गैस, डीजल, पेट्रोल’
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान झामुमो नेताओं ने एक खास पोस्टर भी जारी किया, जिस पर लिखा था- “GDP बढ़ रहा है- Gas, Diesel, Petrol”। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भारत सरकार की नीतियां केवल आम आदमी की जेब काटने के लिए बनी हैं।
इस अहम प्रेस वार्ता में झामुमो जिलाध्यक्ष विक्टर सोरेन, उपाध्यक्ष सागेन पूर्ति, महानगर संयोजक प्रमोद लाल, वरीय नेता सरोज महापात्रा, इंद्रजीत घोष, सावत जी, अजय रजक समेत पार्टी के कई अन्य पदाधिकारी एवं युवा नेता मुख्य रूप से मौजूद रहे।


