Jamshedpur News :कौशल विकास के माध्यम से नियोजित होने की क्षमता को बढाया जा सकता है: कुलपति

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जमशेदपुर: कौशल विकास के माध्यम नियोजित होने की क्षमता में कई गुणा बढाया जा सकता है। उक्त बाते जमशेदपुर को ऑपरेटिव कॉलेज में गुरूवार को आइ क्यूएसी सेल के द्वारा एक सप्ताह के लिए आयोजित स्कील डेव्लपमेंट कार्यक्रम के दौरान संबोधित करते हुए कहा गया। इस अवसर पर उनके द्वारा कहा गया कि इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन सभी कॉलेज में होना चाहिए।उनके द्वारा कौशल विकास के महता पर विस्तृत प्रकाश डाला।अपने संबोधन में कुलपति गंगाधार पांडा ने कहा कि शैक्षणिक रूप से कम पढे लिखे व्यक्तियों ने खेल, कला ,चित्रकारी, सैंडकला इत्यादि में अपनी विलक्षण कौशल कला का प्रर्दशन कर उॅचाईयों को स्पर्श किया है।उन्होने कौरव – पांडवों का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए स्पष्ट किया कि इनमें से प्रत्येक योद्धा अलग अलग युद्ध कलाओं में पारंगत थे जैसे भीम अगर गदा चलाने में कुशल थे जो अर्जुन धनुष विद्या में,जो कौशल विकास का एक बेहतरीन उदाहरण है।उन्होने बताया कि कौशल विकास के माध्यम से नियोजित होने की क्षमता में कई गुणा विकास होता है।जिसके लिए कई बार बहुत पढे लिखे की होने की जरूरत नही होती है। दक्षिण भारत के एक काम का उद्धाहरण प्रस्तुत करते हुए उन्होने ने स्पष्ट किया कि कैसे मछली- पालन के साथ – साथ मुर्गी एवं बतख पालन, गौशाला,केंचुआ- पालन,को एक साथ करते हुए एक व्यक्ति आमदनी के बेहतर स्त्रोत सृजित करते हुए हजारों व्यक्तियों को भी नियोजित करने के रास्ते बना देता है।कुलपति गंगाधर पांडा ने आधुनिक समय में सॉफटस्क्लि डेवलपमेंटकी आवश्यक्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि आज के इस युग में साक्षर होने की परिभाषा में कंम्पयूटर ज्ञान समावेशित हो गया है, जो अत्यंत आवश्यक है।इससे पूर्व कार्यक्रम का विधिवत उद्धघाटन कुलपति मुख्य अतिथि सह कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक डा गंगाधर पांडा, महाविधालय के प्राचार्य सह संरक्षक डा अमर सिंह, कार्यक्रम की संयोजक डा नीता सिन्हा के द्वारा सुंयुक्त रूप से किया गया। महाविधालय में आयोजित बेसिक ऑफ कम्पयूटर एंड विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम 2021कार्यक्रम 25 नवंबर से 1 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान शिक्षकेतर कर्मचारीयों को कम्पयूटर के बारे में जानकारी प्रदान किया जाएगा।इस अवसर पर प्राचार्य डा अमर सिंह के द्वारा स्वागत भाषण देते हुए कहा गया कि उनका प्रयास है कि महाविधालय के कर्मचारी को पुरी तरह से अपडेट किया जा सके।आई क्यू एससी सेल की कोर्डिनेटर नीता सिन्हा ने कार्यशाला की विषय वस्तु का विषय प्रवेश कराते हुए इसके महत्व पर प्रकाश डाला।कार्यशाला का संचालन डज्ञ स्वाति वत्स ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन डा दुर्गा तामसोय एवं पूरी कार्यशाला की रूपरेखा आई क्यू ए सी सेल की कोर्डिनेटर डा नीता सिन्हा एवं वोकेशनल सेल के शिक्षक डा स्वरूप मिश्रा, सुबोध कुमार, के ईश्वर राव, ने किया।कार्यशाला में नैक के कोर्डिनेटर डा मुस्ताक अहमद, प्रो ब्रजेश कुमार, डा विजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक भूषण कुमार सिंह, बर्सर डा अशोक कुमार रवानी, डा राजीव कुमार, सुनीता सहाय, डा कृष्णा प्रसाद,डा संजीव कुमार सिंह,बीएड विभाग के हेड डा राजू ओझा,डा मंगला श्रीवास्तव, शिक्षकेतर कर्मचारी अरशद जमाल, संजय यादव,विश्वनाथ कुमार, दीपक कुमार आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम कोसफल बनाने में हेड असिस्टेंट चंदन कुमार एवं मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष डा दुर्गा तामसोय का अहम योगदान रहा।

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