
जमशेदपुर:
कारगिल विजय दिवस की रजत जयंती के अवसर पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, जमशेदपुर इकाई द्वारा शनिवार को गोलमुरी शहीद स्थल में भव्य समारोह का आयोजन कर कारगिल युद्ध में शहीद हुए 527 वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और नागरिकों ने देशभक्ति के जज़्बे के साथ भाग लिया।


समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा पुष्प अर्पित कर और “वीर शहीद अमर रहें” के नारों के साथ हुई। परिषद के जिला महामंत्री जितेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा – “मैं अपनी आंखों में देशभक्ति की चमक रखता हूं, उम्मीद जाए कि सकुशल, इसलिए आवाज में धमक रखता हूं।”
हवलदार बिरजू ने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि संगठन हमेशा युद्ध वीरों के बलिदान पर गर्व करता रहेगा। कोशिका और मुस्कान संस्था के संरक्षक शिव शंकर सिंह ने कारगिल युद्ध के ऐतिहासिक महत्व को बताते हुए कहा कि 1999 में टाइगर हिल पर भारतीय सेना ने विजय पताका फहराया था, जिससे पाकिस्तान के नापाक मंसूबे नाकाम हुए।
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के महामंत्री जितेंद्र कुमार सिंह ने वीर शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा के शब्दों “या तो तिरंगा लहरा कर आऊंगा, या तिरंगे में लिपट कर…” को दोहराते हुए युवाओं से प्रेरणा लेने की अपील की।
कार्यक्रम में बजरंग दल के मुन्ना दुबे और क्रीड़ा भारती के प्रांतीय मंत्री राजीव कुमार ने भी वीर सैनिकों के अदम्य साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि फौजी केवल युद्ध नहीं लड़ते, वे देश की आत्मा को जीवित रखते हैं।
समारोह में युद्धवीरों को पुष्पगुच्छ और सम्मान पत्र भेंट किए गए। अंत में संयोजक सत्येंद्र कुमार सिंह ने सभी को 3 अगस्त को टेल्को राम मंदिर ऑडिटोरियम में होने वाले ‘वीर सम्मान समारोह’ में भाग लेने का निमंत्रण दिया।
सहयोग करने वालों में प्रमुख नाम थे –
विश्व हिंदू परिषद से हरे राम ओझा, हेल्पिंग हैंड से हेमंत, बागबेड़ा हेल्पिंग बॉयज से राम जी, क्रीड़ा भारती से सुभाष कुमार, तथा संगठन से जितेंद्र सिंह, बिरजू कुमार, सुखविंदर सिंह, दीपक शर्मा, नवल किशोर पाठक, शशि भूषण सिंह, और अन्य सैकड़ों नागरिक।


