जमशेदपुर।
लौहनगरी जमशेदपुर के साहित्यिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक जगत के लिए एक बेहद दुखद और अपूर्णीय क्षति की खबर सामने आई है। शहर की जानी-मानी लेखिका, रंगकर्मी और प्रख्यात शिक्षाविद डॉ. सूर्या राव का 28 अप्रैल (मंगलवार) को दोपहर 12:30 बजे निधन हो गया। वे 82 वर्ष की थीं और विख्यात साहित्यकार डॉ. सी. भास्कर राव की पत्नी थीं। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे शहर के बौद्धिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है।
साहित्य और रंगमंच को समर्पित रहा पूरा जीवन
डॉ. सूर्या राव का पूरा जीवन साहित्य सृजन, शिक्षा के प्रसार और कला के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित रहा। एक लेखिका के तौर पर उन्होंने कई उत्कृष्ट रचनाएं समाज को दीं, जिन्होंने पाठकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी। इसके अलावा, एक मझे हुए रंगकर्मी के रूप में भी उन्होंने थिएटर के मंच पर अपने शानदार अभिनय और निर्देशन से अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। शिक्षा के क्षेत्र में उनके बहुमूल्य योगदान को जमशेदपुर का अकादमिक जगत हमेशा याद रखेगा। उनके जाने से शहर ने न केवल एक उत्कृष्ट शिक्षाविद खोया है, बल्कि एक महान कलाकार भी खो दिया है।
टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) में चल रहा था इलाज
पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, डॉ. सूर्या राव पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी बीमारियों के कारण अस्वस्थ चल रही थीं। उनकी बिगड़ती तबीयत को देखते हुए उन्हें जमशेदपुर के टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) में भर्ती कराया गया था, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही थी। हालांकि, तमाम मेडिकल प्रयासों के बावजूद मंगलवार की दोपहर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से उनके परिवार के साथ-साथ उनके अनगिनत प्रशंसकों और विद्यार्थियों में भारी निराशा है।
अंतिम दर्शन और अंत्येष्टि का पूरा कार्यक्रम
डॉ. सूर्या राव का पार्थिव शरीर उनके चाहने वालों और शहरवासियों के अंतिम दर्शन के लिए उनके निवास स्थान पर रखा गया है। उनका आवास बी रोड, क्वार्टर नंबर 59, एयरबेस कॉलोनी, कदमा में स्थित है, जहां लोग भारी संख्या में पहुंचकर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। बुधवार, 29 अप्रैल को सुबह 10:30 बजे उनके कदमा स्थित निवास स्थान से उनकी अंतिम यात्रा (शव यात्रा) निकाली जाएगी। इसके पश्चात सुबह 11:00 बजे बिष्टुपुर स्थित पार्वती घाट में उनका पूरे विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार संपन्न होगा।
शहर के बुद्धिजीवियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
डॉ. सूर्या राव के निधन को जमशेदपुर के शैक्षणिक और सांस्कृतिक परिदृश्य के लिए एक युग का अंत माना जा रहा है। शहर के तमाम साहित्यकारों, शिक्षाविदों और रंगमंच के कलाकारों ने उन्हें नम आंखों से अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। कला प्रेमियों और स्थानीय बुद्धिजीवियों का कहना है कि डॉ. सूर्या राव का अत्यंत सरल स्वभाव, उनका विशाल ज्ञान भंडार और साहित्य के प्रति उनका निस्वार्थ समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा एक मजबूत प्रेरणास्रोत बना रहेगा। लौहनगरी उनके इस अमूल्य योगदान को कभी भुला नहीं पाएगी।



