
जमशेदपुर/रांची। झारखंड आगामी राज्यसभा चुनाव और राजनीतिक सरगर्मियों के बीच रांची में एक बेहद भावुक और आदरपूर्ण तस्वीर देखने को मिली. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने दो दिवसीय झारखंड प्रवास के पहले दिन रांची स्थित भाजपा कार्यालय में एनडीए के अन्य घटक दलों के विधायकों और नेताओं के साथ शिष्टाचार मुलाकात की. इस बैठक के दौरान उस समय माहौल पूरी तरह बदल गया, जब जमशेदपुर पश्चिम के जदयू विधायक सरयू राय वहां पहुंचे.

जमशेदपुर के विधायक से भावुक मुलाकात
जैसे ही सरयू राय भाजपा कार्यालय में दाखिल हुए, नितिन नवीन उनसे विशेष आत्मीयता के साथ मिले. उन्होंने काफी भावुक होकर सरयू राय के प्रति अपना गहरा आदर और सम्मान प्रदर्शित किया. इस मुलाकात को देखकर वहां मौजूद अन्य नेता भी दंग रह गए. दरअसल, इस आदर के पीछे एक गहरा पारिवारिक और राजनीतिक रिश्ता छुपा हुआ है, जो बिहार और झारखंड की सियासत से जुड़ा है.
पिता के घनिष्ठ मित्र हैं सरयू राय
राजनीतिक गलियारों में यह बात जगजाहिर है कि जमशेदपुर के वरिष्ठ नेता सरयू राय, नितिन नवीन के पिताजी के सबसे घनिष्ठ मित्रों में से एक रहे हैं. नितिन नवीन ने इस शिष्टाचार मुलाकात में न केवल गठबंधन धर्म की मर्यादा रखी, बल्कि अपने पारिवारिक संस्कारों का परिचय देते हुए अपने पिता के पुराने मित्र को वही सम्मान दिया, जिसके वे हकदार हैं. नितिन नवीन ने झारखंड को अपना दूसरा घर बताते हुए कहा कि इस धरती से उनका गहरा जुड़ाव है.
झारखंड और जमशेदपुर की राजनीति में नए समीकरण
झारखंड प्रवास के पहले ही दिन राज्यसभा चुनाव को लेकर हुई इस मुलाकात के कई राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं. एनडीए के घटक दल (भाजपा-जदयू) के नेताओं की इस तरह की आत्मीयता यह दर्शाती है कि आने वाले समय में राज्य की राजनीति और खासकर जमशेदपुर के औद्योगिक क्षेत्र में दोनों दलों के बीच का तालमेल और मजबूत होने वाला है. सरयू राय की जदयू में वापसी और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ उनके इस मधुर संबंध से झारखंड की सियासत में एक नई ऊर्जा देखने को मिल रही है.


