
जमशेदपुर। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर 16 सितंबर 2025 को पीएम श्री कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, बाहरगोड़ा में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाहरगोड़ा डॉ. उत्पल मुर्मू और जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो ने बच्चों के बीच अलबेन्डाज़ॉल दवा का सेवन कर अभियान का उद्घाटन किया।


कृमि मुक्ति अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को आंतों में होने वाले कीड़े से मुक्त करना है, जो उनकी सेहत, पढ़ाई और विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए डॉ. राजीव लोचन महतो ने विद्यालय की छात्राओं को संबोधित किया और विस्तार से बताया कि कृमि मुक्ति दवा का सेवन क्यों ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि आंतों में कीड़े होने से बच्चों में खून की कमी, पेट दर्द, भूख न लगना और पढ़ाई पर असर जैसी समस्याएँ देखने को मिलती हैं। अलबेन्डाज़ॉल दवा इन सभी समस्याओं को रोकने में कारगर है और बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास में सहायक होती है।
वहीं, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. उत्पल मुर्मू ने जानकारी दी कि बाहरगोड़ा प्रखंड में 01 से 19 वर्ष तक के कुल 43,200 बच्चों को कृमि मुक्ति दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्कूलों, आंगनबाड़ियों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम सक्रिय रूप से काम कर रही है।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक दुर्गा उरांव, डेमियन फाउंडेशन के दुर्योधन बागती, विद्यालय की वार्डन विनीता जी तथा विद्यालय के शिक्षक-कर्मी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को जागरूक करने के लिए पोस्टर और नारे भी प्रस्तुत किए गए।
अभियान से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि नियमित अंतराल पर बच्चों को कृमि मुक्ति दवा खिलाने से न केवल उनकी सेहत बेहतर होती है, बल्कि पढ़ाई में भी उनका ध्यान और प्रदर्शन बेहतर होता है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस दवा का वितरण किया जा रहा है।
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इस मौके पर बच्चियों ने भी वचन लिया कि वे नियमित रूप से दवा का सेवन करेंगी और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी इसके बारे में जागरूक करेंगी।


