
जमशेदपुर। भागवत कथा के अंतर्गत, पूतना उद्धार (बाल कृष्ण द्वारा राक्षसी पूतना का वध), नामकरण (कृष्ण का नामकरण), माखन लीला (बाल कृष्ण की माखन चुराने की लीला), काली मर्दन (काली नाग का दमन), चीर हरण (बालिकाओं के वस्त्र हरण), और गोवर्धन पूजा (इंद्र के प्रकोप से बचाने हेतु गोवर्धन पर्वत उठाना) प्रमुख प्रसंग हैं जो भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं को दर्शाते हैं, जिससे भक्तों का कल्याण होता है और उनकी भक्ति बढ़ती है।


READ MORE :Jamshedpur News :20 जनवरी को श्री साईं सेंटर जमशेदपुर आएंगे पूज्य डॉ. चंद्रभानु सत्पथी गुरुजीयह उद्गार बिष्टुपुर तुलसी भवन में शारणागति परिवार, जमशेदपुर द्धारा आयोजित भागवत कथा के पांचवें दिन सोमवार को वृंदावन से पधारे प्रसिद्ध कथावाचक रसिया बाबा ने व्यासपीठ से कथा का प्रसंग विस्तार से सुनाते हुए व्यक्त किए। कृष्ण की बाल लीलाओं को सुनकर भावविभोर हुए श्रद्धालु। कथाव्यास ने भगवान का नामकरण का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि वसुदेव और देवकी के पुत्र कृष्ण के जन्म के बाद, विभिन्न ऋषियों और नन्द-यशोदा द्वारा उनका नामकरण किया गया, जिसमें कृष्ण नाम का अर्थ आकर्षक या काला है। उन्होंने कहा कि बालकृष्ण अपनी सखियों (गोपियों) के घरों से माखन चुराकर खाते थे, जिसे वे स्वयं भी खाते और दूसरों को खिलाते थे। उनकी यह लीला उनके भक्तों को आनंदित करती थी। माखन लीला कथा का गहरा आध्यात्मिक अर्थ भी है, जो प्रेम और आनंद की प्राप्ति सिखाता है। इसी प्रकार कथा वाचक ने चीर हरण लीला की कथा के प्रसंग में बताया कि गोपियाँ यमुना में स्नान कर रही थीं, तब बाल कृष्ण ने उनके वस्त्रों को पेड़ पर रख दिया और उन्हें वस्त्र लौटाने के बदले में राधा-कृष्ण का स्मरण करने को कहा, जिससे गोपियों की लाज और भक्ति दोनों की परीक्षा हुई।
कथावाचक ने इन सभी कथाओं के माध्यम से उन्होंने जीवन का महत्व समझाया। कथा के दौरान पूरा वातावरण भक्ति और श्रद्धा से सराबोर रहा। आज के मुख्य यजमान उषा-ब्रिज मोहन बागड़ी, मंजू-विश्वनाथ महेश्वरी, गोवर्धन गुप्ता थे। कथा के छठवें दिन 20 जनवरी मंगलवार को महारास लीला, मथुरा गमन, कंस वध, उद्धव गोपी संवाद, रूकमणी विवाह आदि प्रसंगों की व्याख्या की जाएगी। कथा के अंतिम और सातवें दिन 21 जनवरी बुधवार को सुदामा चरित्र, कुरूक्षेत्र लीला, श्री कृष्ण उद्धव संवाद, श्रीमद भागवत कथा सार, कथा विश्राम प्रसंगों की व्याख्या की जाएगी। इसका आयोजन शारणागति परिवार, जमशेदपुर द्धारा किया जा रहा हैं।


